Cricket : योगराज सिंह ने बुमराह को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात

By digital | Updated: June 18, 2025 • 12:05 PM

फिटनेस बनाए रखने के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं : योगराज

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने अपने एक और बयान से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बार-बार चोटिल होने का कारण बताया है और जो वजह उन्होंने बताई उसने नई बहस को जन्म दिया है। योगराज ने कहा कि बुमराह के चोटिल होने में जिम एक कारण हो सकता है।

योगराज ने हाल ही में एक स्पोर्ट्स वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा कि क्रिकेटरों को अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें खुद को लचीला बनाने पर जोर देना चाहिए। बुमराह का कार्यभार प्रबंधन पिछले साल चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया है। बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ सभी पांच टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे। योगराज ने कहा कि क्रिकेटरों को बॉडी बिल्डिंग करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने इस बयान को साबित करने के लिए हार्दिक पांड्या और मोहम्मद शमी का उदाहरण भी दिया।

बुमराह के बार-बार चोटिल होने की योगराज ने बताई वजह

इंसाइड स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में योगराज ने कहा, ‘बुमराह बार-बार चोटिल होते हैं। वह चार बार चोटिल हो चुके हैं। आपको पता है इसका कारण क्या है? जिम कारण है। अन्य क्रिकेटर भी हैं। मोहम्मद शमी…हार्दिक पांड्या। आपको बॉडी बिल्डिंग करने की जरूरत नहीं है। पुराने दिनों में वेस्टइंडीज के माइकल होल्डिंग जैसे गेंदबाज काफी लचीले थे। विव रिचर्ड्स 35 साल की उम्र तक जिम नहीं गए थे।’

योगराज ने कहा क्रिकेटरों को कब जाना चाहिए जिम?

योगराज ने कहा कि क्रिकेटरों को तभी जिम जाना चाहिए जब वे 35-36 साल के हो जाएं और करियर की शुरुआत में अगर वे जिम मेहनत करते रहे तो उनकी मांसपेशियों में अकड़न आ सकती है। उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान हूं कि क्रिकेटर जिम जाते हैं। जिम तब के लिए होता है जब आप 35-36 साल के होते हैं। अन्यथा इससे आपकी मांसपेशियां कठोर हो सकती हैं। हर किसी को पता होना चाहिए कि वह क्या कर रहा है। आपको तब खुद को मजबूत बनाना होता है जब आप 36-37 साल की उम्र के हो जाते हैं और आपका शरीर कमजोर होता है। तब मैं समझ सकता हूं कि जिम काम करना सही होता है।’

‘क्रिकेटरों का जिम जाना बंद करवाएं’

योगराज ने कहा, ‘लेकिन आज युवा जिम ही जा रहे हैं। यही कारण है कि चोट ज्यादा लगती हैं। मैं कह सकता हूं कि लगभग 30-40 साल पहले चोट के मामले शून्य थे। क्योंकि क्रिकेट में आपको बेहद लचीले, जिमनास्ट जैसे शरीर की जरूरत होती है। अपने शरीर के वजन के मुताबिक व्यायाम करें जैसे पुल-अप, पुश-अप, सिट-अप और कोर, लेकिन भगवान के लिए कृपया क्रिकेटरों का जिम जाना बंद करवाएं।’

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