मुख्य सचिव ने विशेष मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की
हैदराबाद। राज्य में विभिन्न कल्याणकारी (welfare) एवं विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह जानकारी राज्य सरकार के मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव ने दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ-साथ मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे। मुख्य सचिव ने आज डॉ. बी.आर. अंबेडकर सचिवालय में विशेष मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विशेष मुख्य सचिव (Special Chief Secretary) जयरामेश रंजन, विकास राज, सी.वी. आनंद, संजय कुमार, महेश दत्त एक्का, सब्यसाची घोष, नवीन मित्तल, दाना किशोर, अहमद नदीम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सचिवों की बैठक में मुख्यमंत्री स्वयं रहेंगे उपस्थित
मुख्य सचिव ने बताया कि 28 फरवरी को आयोजित सचिवों की बैठक में मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त 1 मार्च (रविवार) को जिला कलेक्टरों की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि 2 मार्च से 9 जून तक चलने वाले इस 100 दिवसीय अभियान के लिए सभी विभाग अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें तथा जिला कलेक्टरों की बैठक के लिए एजेंडा शीघ्र तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रीगण द्वारा किया जाएगा। जिन सरकारी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें उद्घाटन हेतु तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए।
100 दिन की ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से ग्रामीण विकास, नगर प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत राज, कृषि, राजस्व, पर्यटन, उद्योग, महिला एवं बाल कल्याण, आवास, विद्युत तथा श्रम सहित सभी विभागों को 100 दिन की ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने नव-निर्वाचित सरपंचों और नगर निकाय अध्यक्षों के लिए स्वच्छता, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी बल दिया। साथ ही सचिवालय एवं सभी विभागाध्यक्ष (एचओडी) कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए।
वर्तमान में मुख्य सचिव कौन है?
यह पद प्रत्येक राज्य में अलग-अलग अधिकारी के पास होता है, इसलिए नाम राज्य के अनुसार बदलता है। यह अधिकारी राज्य सरकार का सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर होता है और प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख समन्वयक माना जाता है। कैबिनेट बैठकों में भाग लेना, विभागों के बीच तालमेल बनाना और नीतियों के क्रियान्वयन की निगरानी करना इसकी प्रमुख जिम्मेदारियां होती हैं। सही नाम जानने के लिए संबंधित राज्य बताना आवश्यक होता है।
मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव कौन हैं?
राज्य सरकार में यही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री के प्रशासनिक प्रमुख सलाहकार के रूप में कार्य करता है। सरकारी फाइलों की अंतिम प्रशासनिक समीक्षा, विभागीय समन्वय और नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उसी के पास होती है। मुख्यमंत्री कार्यालय और विभिन्न विभागों के बीच संपर्क स्थापित करना भी उसका प्रमुख कार्य है। पद व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि प्रशासनिक संरचना से जुड़ा होता है।
मुख्य सचिव से बड़ा पद कौन सा है?
राज्य प्रशासनिक ढांचे में यह सर्वोच्च नौकरशाही पद माना जाता है। इससे ऊपर राजनीतिक स्तर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री होते हैं, जो निर्वाचित या संवैधानिक पद हैं। केंद्र सरकार में कैबिनेट सचिव का पद प्रशासनिक दृष्टि से अधिक वरिष्ठ माना जाता है, क्योंकि वह पूरे देश की नौकरशाही का प्रमुख समन्वयक होता है। राज्य स्तर पर इससे बड़ा कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं होता।
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