Crime : नशे में वाहन चलाने के आरोप में 314 पर कार्रवाई

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नशे में वाहन
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हैदराबाद। साइबराबाद यातायात पुलिस (Cyberabad Traffic Police) ने सप्ताहांत पर नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान (Special Operations) चलाया, जिसके दौरान 314 लोगों को पकड़ा गया। दर्ज मामलों में 140 दोपहिया वाहन, 13 तिपहिया वाहन, 41 चारपहिया वाहन और 2 भारी वाहन शामिल हैं। रक्त में अल्कोहल की मात्रा के आधार पर 157 व्यक्तियों में 36 से 200 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर के बीच स्तर पाया गया, 26 व्यक्तियों में 201 से 300 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर तथा 13 व्यक्तियों में 301 से 550 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर के बीच स्तर दर्ज किया गया।

मद्यपान कर वाहन चलाना एक गंभीर अपराध

साइबराबाद पुलिस ने दोहराया कि मद्यपान कर वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है। यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में वाहन चलाते हुए घातक दुर्घटना का कारण बनता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस धारा के अंतर्गत अधिकतम 10 वर्ष का कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है। पिछले सप्ताह (9 से 14 फरवरी) के दौरान न्यायालयों में मद्यपान कर वाहन चलाने के कुल 212 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें 6 व्यक्तियों को सामाजिक सेवा के साथ जुर्माना तथा 206 व्यक्तियों को केवल जुर्माना लगाया गया।

नशे में वाहन

नशे में गाड़ी चलाने पर कितना जुर्माना लगता है?

भारत में मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर लगभग ₹10,000 तक जुर्माना या 6 महीने तक की जेल, या दोनों हो सकते हैं। दोबारा अपराध करने पर जुर्माना बढ़कर लगभग ₹15,000 और सजा 2 साल तक हो सकती है। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है। दंड राज्य और परिस्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।

क्या शराब पीने के 2 घंटे बाद गाड़ी चलाना ठीक है?

केवल समय बीत जाना सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। शरीर में शराब का असर व्यक्ति के वजन, मात्रा, भोजन और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। कई बार 2 घंटे बाद भी रक्त में अल्कोहल की मात्रा कानूनी सीमा से अधिक रह सकती है। सुरक्षित विकल्प यही है कि शराब पीने के बाद वाहन न चलाएँ और वैकल्पिक साधन जैसे कैब या ड्राइवर का उपयोग करें।

दारू में कौन सी धारा लगती है?

शराब पीकर वाहन चलाने पर आमतौर पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 लागू होती है। यदि दुर्घटना हो जाए तो भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं, जैसे लापरवाही से चोट या मृत्यु होने की स्थिति में अलग-अलग प्रावधान लागू होते हैं। मामले की गंभीरता के अनुसार पुलिस संबंधित धाराएँ लगाती है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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