साइबराबाद पुलिस आयुक्त ने पूरी रात स्थिति पर नजर रखी
हैदराबाद। साइबराबाद में नववर्ष 2026 के अवसर पर आयोजित समारोह पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बिना किसी बड़ी घटना अथवा सड़क दुर्घटना के संपन्न हुए। यह सफलता साइबराबाद पुलिस (Cyberabad Police) की सटीक योजना, निरंतर निगरानी और जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई का परिणाम रही। पूरे आयोजन की निगरानी उच्च स्तर पर की गई। साइबराबाद पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) डॉ. एम. रमेश ने पूरी रात अपने कार्यालय से स्थिति पर नजर रखी और अधिकारियों को रियल-टाइम निर्देश देते रहे। वहीं, साइबराबाद संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) डॉ. गजराव भूपाल, सभी लॉ एंड ऑर्डर डीसीपी एवं ट्रैफिक डीसीपी के साथ रातभर फील्ड में मौजूद रहे और यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षित उत्सव सुनिश्चित किया।
928 लोगों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया
सड़क दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से साइबराबाद पुलिस ने 31 दिसंबर 2025 की रात से 1 जनवरी 2026 की सुबह तक नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 55 विशेष टीमों को तैनात किया गया, जिनके द्वारा 928 लोगों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया और उनके विरुद्ध मामले दर्ज किए गए। वाहनों के अनुसार कार्रवाई में 695 दोपहिया वाहन, 31 तिपहिया वाहन, 199 चारपहिया वाहन और 3 भारी वाहन शामिल हैं। आरोपियों के ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 19 के तहत निलंबन के लिए संबंधित आरटीए को भेजे जाएंगे।
419 व्यक्तियों का अल्कोहल स्तर 100 मि.ग्रा./100 मि.ली. से अधिक
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए चालकों में 419 व्यक्तियों का अल्कोहल स्तर 100 मि.ग्रा./100 मि.ली. से अधिक, 35 व्यक्तियों का 300 मि.ग्रा./100 मि.ली. से अधिक तथा 5 व्यक्तियों का अत्यंत अधिक, 500 मि.ग्रा./100 मि.ली. से भी ऊपर पाया गया। सर्वाधिक मामले मियापुर, आरसी पुरम, रायदुर्गम, गाचीबोवली, कुकटपल्ली, मेडचल, नरसिंगी, राजेंद्रनगर और केपीएचबी ट्रैफिक पुलिस थाना क्षेत्रों से दर्ज किए गए। साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस की व्यापक योजना और सख्त प्रवर्तन के चलते नववर्ष समारोह के दौरान पूरे साइबराबाद क्षेत्र में कहीं भी कोई बड़ी सड़क दुर्घटना दर्ज नहीं हुई।
नशे में वाहन चलाने के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विशेष अभियान
यातायात सुगमता के लिए साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल सोसाइटी ने साइबराबाद पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से 31 दिसंबर की मध्यरात्रि से प्रमुख पार्टी स्थलों से नजदीकी मेट्रो स्टेशनों और निर्धारित कैब पिक-अप पॉइंट्स तक निःशुल्क शटल सेवा संचालित की। इस पहल से उत्सव क्षेत्रों में भीड़ कम हुई और रात 2 बजे तक प्रमुख सड़कों पर यातायात सामान्य हो गया। साइबराबाद पुलिस ने नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि नशे में वाहन चलाने के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह विशेष अभियान पूरे वर्ष जारी रहेगा। पुलिस ने सभी नागरिकों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए सड़क सुरक्षा के हित में जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की है।
पुलिस आयुक्त का मतलब क्या होता है?
किसी बड़े शहर में पुलिस विभाग का सर्वोच्च अधिकारी यही होता है। शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय इसके अधीन लिए जाते हैं।
पुलिस आयुक्त प्रणाली क्या है?
इस व्यवस्था में पुलिस को प्रशासनिक और कार्यकारी अधिकार दिए जाते हैं। मजिस्ट्रेट की कुछ शक्तियाँ भी पुलिस आयुक्त को प्राप्त होती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर त्वरित और प्रभावी नियंत्रण संभव होता है।
पुलिस उपायुक्त किसे कहते हैं?
शहर या जिले में पुलिस आयुक्त या पुलिस अधीक्षक के अधीन कार्य करने वाला वरिष्ठ अधिकारी इस पद पर होता है। अलग-अलग जोन या विभागों की जिम्मेदारी संभालना और आदेशों को लागू कराना इसका मुख्य कार्य होता है।
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