हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) संजय कुमार श्रीवास्तव ने आज रेल निलयम, सिकंदराबाद में ज़ोन में रेल संचालन की सुरक्षा पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में विभागाध्यक्षों के प्रमुख मौजूद थे। सभी छह डिवीजनों विजयवाड़ा, गुंतकल, गुंटूर, सिकंदराबाद, हैदराबाद और नांदेड़ के डिविजनल रेलवे मैनेजर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में, श्रीवास्तव ने ट्रैक के रख-रखाव और नियमित निगरानी पर जोर दिया ताकि ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
जीपीएस ट्रैकर की उपलब्धता का किया मूल्यांकन
महाप्रबंधक ने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों द्वारा माह में किए गए सुरक्षा निरीक्षणों का सारांश देखा और मुख्य कर्मचारियों और पेट्रोल कर्मचारियों के लिए जीपीएस (GPS) ट्रैकर की उपलब्धता का मूल्यांकन किया, जिससे ट्रैक पेट्रोलिंग प्रभावी ढंग से हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को गर्मी के मौसम में स्टेशन और सेक्शन/ट्रैक पर आवश्यक सावधानी बरतने का निर्देश दिया। महाप्रबंधक ने कार्यस्थल सुरक्षा पर निरंतर ध्यान देने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के महत्व को दोहराया। इसके अतिरिक्त, श्रीवास्तव ने निजी साइडिंग और माल गोदामों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल सहित विभिन्न विभागों द्वारा ज़ोन में चल रही सुरक्षा मुहिमों की समीक्षा भी की।
महाप्रबंधक का मतलब क्या होता है?
किसी संस्था या विभाग में सबसे उच्च स्तर के प्रबंधन अधिकारी को महाप्रबंधक कहा जाता है। यह व्यक्ति पूरे संगठन के संचालन, योजना बनाने और निर्णय लेने की जिम्मेदारी संभालता है। इसके अधीन कई विभाग काम करते हैं और यह उनके कार्यों की निगरानी करता है। बड़े सरकारी विभागों, कंपनियों और बैंकों में यह पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
रेलवे महाप्रबंधक का वेतन कितना होता है?
भारतीय रेलवे में महाप्रबंधक का वेतन काफी उच्च स्तर का होता है। भारतीय रेलवे में इस पद पर कार्यरत अधिकारी को लगभग 2.5 लाख रुपये प्रति माह के आसपास वेतन मिलता है। इसके साथ सरकारी आवास, गाड़ी, स्टाफ और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं। यह पद वरिष्ठ आईएएस या रेलवे सेवा के अनुभवी अधिकारियों को दिया जाता है।
महाप्रबंधक का अर्थ क्या है?
साधारण भाषा में इसका अर्थ होता है “मुख्य प्रबंधक” या “सर्वोच्च प्रबंधन अधिकारी”। यह व्यक्ति किसी संगठन की नीतियों को लागू करता है, कर्मचारियों का नेतृत्व करता है और संस्था के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए रणनीति बनाता है। इसका काम संगठन को सही दिशा में आगे बढ़ाना और उसके कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करना होता है।
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