नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस का भाजपा कार्यालय मार्च विफल
हैदराबाद। गुरुवार को उस समय कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन (Nationwide movement) के तहत नामपल्ली स्थित तेलंगाना भाजपा मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। यह विरोध प्रदर्शन सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड (National Herald) मामले में केंद्र सरकार द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में आयोजित किया गया था। टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, एआईसीसी प्रभारी मीनाक्षी नटराजन सहित कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मार्च में शामिल थे।
कांग्रेस महिला नेताओं को भी किया गया गिरफ्तार
पार्टी के आह्वान पर विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी भवन पहुंचे। जब वे भाजपा कार्यालय की ओर रैली निकालने की तैयारी कर रहे थे, तो पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देते हुए प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसी तरह भाजपा कार्यालय के घेराव के लिए निकली कांग्रेस महिला नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुनीता राव सहित अन्य नेता शामिल थीं। पहले से सूचना होने के कारण पुलिस ने गांधी भवन और भाजपा कार्यालय पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया था।
भाजपा गांधी परिवार के खिलाफ प्रतिशोध की कर रही है राजनीति
एआईसीसी प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने मीडिया से कहा कि भाजपा गांधी परिवार के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने मनरेगा से गांधी नाम हटाने पर भी नाराजगी जताई। टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने कहा कि भाजपा राहुल और सोनिया गांधी के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रही है। नेशनल हेराल्ड स्वतंत्रता काल से अस्तित्व में रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता तक ले जाएगी।
नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र के संस्थापक कौन थे?
नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र का इतिहास भारतीय पत्रकारिता में बेहद महत्वपूर्ण है। सवाल यह उठता है, नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र के संस्थापक कौन थे? इस सवाल का उत्तर है कि यह अखबार 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू, एनी बेसेंट और मोज़ेस टेलर द्वारा स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रवादी विचारों और जनजागरण को बढ़ावा देना था। इस अखबार ने अंग्रेजी भाषी जनता तक आंदोलन के संदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आज भी यह अखबार भारतीय राजनीति और समाज में अपनी पहचान बनाए हुए है।
नेशनल हेराल्ड मामला क्या है?
वर्तमान समय में अक्सर सवाल उठता है, नेशनल हेराल्ड मामला क्या है? यह मामला अखबार की संपत्ति और वित्तीय संचालन से संबंधित है। कथित तौर पर संपत्ति के उपयोग में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर कानूनी कार्रवाई चल रही है। अदालत में यह मामला कई चरणों में सुनवाई के लिए पेश किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला भारतीय कानून, राजनीति और मीडिया में काफी चर्चा का विषय बन चुका है। समाज में भी इस पर नजरें जमी हुई हैं।
जवाहरलाल नेहरू की पत्रिका का नाम क्या था?
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सवाल अक्सर उठता है, जवाहरलाल नेहरू की पत्रिका का नाम क्या था? जवाब है कि उनकी प्रमुख पत्रिका का नाम यंग इंडिया था। इस पत्रिका के माध्यम से नेहरू ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लोगों को जागरूक किया और स्वतंत्रता आंदोलन को बढ़ावा दिया। यंग इंडिया में स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाज सुधार और राजनीतिक चिंतन से जुड़े लेख प्रकाशित होते थे। यह पत्रिका भारतीय युवाओं के लिए मार्गदर्शक बनी और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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