Unified Welfare Card : हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को राज्य में एआई आधारित बहुउद्देशीय यूनिफाइड वेलफेयर कार्ड (Unified Welfare Card) तैयार करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस कार्ड में विभिन्न सरकारी विभागों और कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभों का समग्र विवरण शामिल रहेगा। गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री दुद्धिला श्रीधर बाबू, मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिफाइड वेलफेयर कार्ड (Unified Welfare Card) को इस प्रकार तैयार किया जाए कि उसमें प्रत्येक व्यक्ति द्वारा विभिन्न योजनाओं और विभागों से प्राप्त लाभों का पूरा रिकॉर्ड (Record) उपलब्ध हो। इसके लिए राज्य के सभी नागरिकों का व्यक्तिगत और पारिवारिक डेटा एकत्र करने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी योजनाओं का होगा एकीकृत विवरण
उन्होंने कहा कि यह डेटा संग्रह अभियान राज्य के पहले एआई आधारित 360 डिग्री लाभार्थी प्रोफाइलिंग सिस्टम की नींव बनेगा, जिससे लाभार्थियों की गतिशील निगरानी संभव हो सकेगी। रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों से कहा कि लाभों की दोहराव वाली प्रविष्टियों को रोकने, प्रशासनिक देरी कम करने और मानव हस्तक्षेप घटाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का पूर्ण उपयोग किया जाए। इससे कल्याणकारी योजनाओं का वितरण अधिक प्रभावी होगा तथा अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसान हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अलग-अलग विभागों के बजाय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से यूनिफाइड कार्ड जारी किए जाएं। उन्होंने तकनीक में दक्ष युवा सरकारी अधिकारियों की सेवाओं का उपयोग करने को भी कहा।
राज्य स्तरीय विशिष्ट पहचान संख्या जारी करने की संभावना तलाशने को कहा
यूनिफाइड कार्ड में आरोग्यश्री, मुख्यमंत्री राहत कोष, फीस प्रतिपूर्ति, श्रम तथा शिक्षा विभाग सहित विभिन्न कल्याणकारी विभागों से संबंधित लाभार्थियों की समग्र प्रोफाइल शामिल होगी। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर आधार की तर्ज पर राज्य स्तरीय विशिष्ट पहचान संख्या जारी करने की संभावना तलाशने को कहा। साथ ही सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक एवं जाति सर्वेक्षण (एसईईईपीसी) के आंकड़ों को भी यूनिफाइड कार्ड प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों के अलावा सरकार में कार्यरत अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की प्रोफाइलिंग पर भी विचार किया जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एआई आधारित प्रोफाइलिंग प्रणाली के माध्यम से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होते ही संबंधित डेटा स्वतः “चेयुथा” पेंशन प्रणाली से जुड़ सकेगा।
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यूनिफाइड कार्ड प्रणाली में किया जाए एकीकृत
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि नागरिकों की संपूर्ण स्वास्थ्य प्रोफाइल को यूनिफाइड कार्ड प्रणाली में एकीकृत किया जाए। रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों से केरल जैसे राज्यों में मध्य पूर्व देशों के लिए होने वाले प्रवास प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रणालियों का अध्ययन करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली राज्य की कौशल विकास एवं प्रशिक्षण योजनाओं, पासपोर्ट और वीजा जारी करने की प्रक्रिया का केंद्रीकृत विवरण भी उपलब्ध कराए, ताकि अवैध एजेंटों और बिचौलियों की भूमिका कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिफाइड कार्ड का मुख्य उद्देश्य गरीबों तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
लेबर कार्ड से कितने पैसे मिलते हैं?
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। राशि अलग-अलग राज्यों और योजनाओं के अनुसार तय होती है। कई योजनाओं में बच्चों की पढ़ाई, बेटी विवाह, मातृत्व सहायता, दुर्घटना बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल रहती हैं। कुछ राज्यों में श्रमिकों को समय-समय पर सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता भी दी जाती है। लाभ प्राप्त करने के लिए पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी माना जाता है।
लेबर कार्ड पर कितना लोन मिल सकता है?
श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक जरूरतों के लिए विभिन्न सरकारी एवं बैंक योजनाओं के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। राशि बैंक, योजना और आवेदक की आय के आधार पर तय होती है। कई योजनाओं में कुछ हजार रुपये से लेकर लाखों रुपये तक का लोन दिया जा सकता है। ब्याज दरें सामान्य लोन की तुलना में कम हो सकती हैं। ऋण स्वीकृति के लिए पहचान पत्र, बैंक खाता और श्रमिक पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज आवश्यक होते हैं।
श्रमिक कार्ड में पैसा आया कि नहीं कैसे चेक करें?
सरकारी सहायता राशि की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या बैंक खाते के माध्यम से देखी जा सकती है। लाभार्थी अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबंधित श्रम विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन कर भुगतान की स्थिति जांच सकते हैं। इसके अलावा बैंक पासबुक अपडेट करवाकर या मोबाइल बैंकिंग एवं एसएमएस अलर्ट के जरिए भी जानकारी मिल जाती है। कई राज्यों में हेल्पलाइन नंबर और जन सेवा केंद्रों के माध्यम से भी भुगतान की स्थिति आसानी से पता की जा सकती है।
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