हैदराबाद। अखिल भारतीय युवा महासंघ (AIYF)’ तेलंगाना राज्य समिति ने शुक्रवार को 2026–27 के राज्य बजट की निंदा करते हुए कहा कि यह बेरोज़गार युवाओं को पूरी तरह नजरअंदाज करता है। एआईवाईएफने इसे , युवाओं के साथ विश्वासघात, करार दिया और बढ़ती बेरोज़गारी की समस्या को सरकार द्वारा अनदेखा किए जाने का आरोप लगाया। हिमायतनगर में आयोजित बैठक में एआईवाईएफ के राज्य अध्यक्ष डॉ. सैयद वली उल्लाह खादरी और राज्य सचिव कल्लुरी धर्मेंद्र ने कहा कि बजट (Budget) में युवाओं को ‘शून्य प्राथमिकता और शून्य न्याय’ दिया गया है।
अनुबंध आधारित रोजगार पर निर्भरता पर चिंता
उन्होंने रोजगार सृजन के स्पष्ट कार्यक्रम की कमी, बेरोज़गारी भत्ता का अभाव और अनुबंध आधारित रोजगार पर निर्भरता पर चिंता व्यक्त की। नेताओं ने आरोप लगाया कि कौशल विकास कोष का दुरुपयोग हो रहा है और राजीव युवा विकास जैसी योजनाओं का लाभ केवल शासक दल के कार्यकर्ताओं को मिलता है, जबकि वास्तविक नौकरी चाहने वाले बेरोज़गारों को इसका लाभ नहीं मिलता। उन्होंने खेल क्षेत्र के लिए बजट आवंटन की भी आलोचना की, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और पिछड़े खेल प्रतिभाओं के लिए समर्थन की कमी को लेकर। एआईवाईएफ ने यह भी सवाल उठाया कि रोजगार कैलेंडर की घोषणा में देरी के कारण लाखों शिक्षित युवा अभी भी अर्थपूर्ण रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
तेलंगाना का कुल बजट कितना है?
वित्त वर्ष 2025–26 के लिए Telangana सरकार का कुल बजट लगभग 2.9 लाख करोड़ रुपये के आसपास पेश किया गया है। इसमें कल्याणकारी योजनाओं, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। बजट में राजस्व और पूंजीगत व्यय दोनों शामिल होते हैं, जिनका उद्देश्य राज्य के समग्र विकास और जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
तेलंगाना बजट क्या है?
यह राज्य सरकार की वार्षिक वित्तीय योजना होती है, जिसमें एक साल के लिए आय और खर्च का पूरा विवरण दिया जाता है। Telangana का बजट बताता है कि सरकार किन क्षेत्रों में कितना पैसा खर्च करेगी और राजस्व कहां से आएगा। इसमें विकास परियोजनाएं, सामाजिक कल्याण योजनाएं और प्रशासनिक खर्च शामिल होते हैं। इसे हर साल विधानसभा में पेश किया जाता है।
तेलंगाना में 2500 रुपये की योजना किसे मिलेगी?
यह राशि आमतौर पर सरकार की सामाजिक या महिला कल्याण योजनाओं के तहत दी जाती है। हाल की घोषणाओं के अनुसार, यह लाभ मुख्य रूप से महिलाओं, विशेषकर गरीब और पात्र परिवारों की महिला मुखिया को देने की बात की गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक सहायता प्रदान करना और परिवार की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है, हालांकि पात्रता और शर्तें सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती हैं।
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