हैदराबाद। राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने राज्य में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए अगले तीन दिनों तक अत्यधिक सतर्क रहने की जनता से अपील की है। शनिवार को हैदराबाद स्थित सचिवालय में आयोजित आपात समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मंडलों और गांवों में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है, उनकी पहचान कर तुरंत चेतावनी जारी की जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि बुजुर्गों (The elderly) और बच्चों को अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, भीड़भाड़ वाले इलाकों और श्रमिक क्षेत्रों में छाछ और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बढ़ते तापमान को देखते हुए आपात समीक्षा बैठक, प्रभावित जिलों में अलर्ट जारी
जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में हीटवेव से संबंधित मौतों की सूचना मिली है, जिनमें जयशंकर भूपालपल्ली में 4, वारंगल, करीमनगर और निजामाबाद में 3-3, तथा जोगुलाम्बा गडवाल, रंगारेड्डी और सूर्यापेट में 1-1 मौत शामिल है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही जिलाधिकारियों को स्थिति पर व्यक्तिगत निगरानी रखने और हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए आपात चिकित्सा सेवाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मंत्री ने गर्मी के दौरान पक्षियों और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, जिसमें पानी के टैंक और मिट्टी के बर्तन रखने की बात शामिल है।
हीट वेव का मतलब क्या होता है?
सामान्य से बहुत अधिक तापमान और लगातार गर्म हवाओं की स्थिति को हीट वेव या लू कहा जाता है। इस दौरान तापमान लंबे समय तक सामान्य स्तर से ऊपर बना रहता है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। गर्म और शुष्क हवाएं शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकती हैं। गर्मियों में मौसम विभाग समय-समय पर हीट वेव की चेतावनी जारी करता है।
हीट वेव के दौरान सबसे ज्यादा खतरा किसे होता है?
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को हीट वेव के दौरान अधिक खतरा माना जाता है। बाहर धूप में काम करने वाले मजदूर, किसान और ट्रैफिक कर्मियों पर भी इसका प्रभाव ज्यादा पड़ सकता है। शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप में रहने से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। पर्याप्त पानी पीना और तेज धूप से बचना जरूरी माना जाता है।
हीटवेव कितने दिन माना जाता है?
जब किसी क्षेत्र में तापमान लगातार कई दिनों तक सामान्य से काफी अधिक बना रहता है, तब उसे हीट वेव की स्थिति माना जाता है। मौसम विभाग तापमान और क्षेत्रीय परिस्थितियों के आधार पर इसकी घोषणा करता है। आमतौर पर लगातार 2 से 3 दिनों तक अत्यधिक गर्मी रहने पर हीट वेव मानी जा सकती है। अलग-अलग राज्यों और मौसम स्थितियों के अनुसार इसके मानक बदल सकते हैं।
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