हैदराबाद। तेलंगाना राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग (बीसी) समुदाय की कुछ जातियों (Some castes) के नामों में परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि कुछ जातियों के प्रचलित नामों को अपमानजनक माना जा रहा था, इसलिए उन्हें अधिक सम्मानजनक स्वरूप देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव ने इन नाम परिवर्तनों (Changes) को लागू करने के लिए आदेश जारी किए हैं। सरकारी आदेश के अनुसार समूह ‘अ’ में क्रम संख्या 4 पर दर्ज ‘बुडबुक्कला’ जाति का नाम अब ‘शिव क्षत्रिय’ कर दिया गया है। इसी प्रकार ‘वन्नार’ नाम को हटाकर उसकी जगह ‘धोबी’ नाम लागू किया गया है।
बीसी जातियों के नामों में गरिमा लाने के लिए उठा कदम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्यवहार में ‘राजका’, ‘चकली’ अथवा ‘धोबी’ इनमें से किसी भी नाम का उपयोग किया जा सकता है। क्रम संख्या 7 पर दर्ज ‘दोम्मरा’ जाति का नाम बदलकर ‘गड़ा वंशीय’ कर दिया गया है। क्रम संख्या 18 पर दर्ज ‘पिच्चकुंटला’ का नाम अब ‘वंशराज’ होगा। क्रम संख्या 23 पर दर्ज ‘वीरभद्रिया’ का नाम बदलकर ‘वीरमुष्टि, नेत्ति कोटाला, वीरभद्रिया’ कर दिया गया है। समूह ‘द’ में क्रम संख्या 5 पर दर्ज ‘मेरा’ जाति का नाम बदलकर ‘मेरु’ कर दिया गया है। वहीं क्रम संख्या 29 पर दर्ज ‘शूद्र’ नाम को हटाकर उसकी जगह ‘तम्मली’ नाम शामिल किया गया है। सरकार ने कहा है कि इन परिवर्तनों का उद्देश्य सामाजिक गरिमा को बढ़ाना और समुदायों की पहचान को अधिक सम्मानजनक स्वरूप देना है।
7 जाति कौन सी होती है?
कोई आधिकारिक वर्गीकरण नहीं है। भारत में हिंदू जातियों की सटीक संख्या निर्धारित करना असंभव है — हजारों जातियां और लाखों उप-जातियां मौजूद हैं। प्रारंभिक वर्गीकरण में समाज को चार वर्णों — ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र में बांटा गया था। आधुनिक संवैधानिक वर्गीकरण में SC, ST, OBC और सामान्य वर्ग आते हैं।
भारत की 6 जाति कौन सी हैं?
“6 जाति” भी कोई आधिकारिक वर्गीकरण नहीं है। भारत में जाति व्यवस्था और वर्ण व्यवस्था एक प्राचीन सामाजिक संरचना है जिसका आधार कर्म और जन्म पर टिका हुआ है। वर्तमान स्थिति में वर्ण व्यवस्था कानूनी रूप से समाप्त हो चुकी है, लेकिन सामाजिक स्तरीकरण अभी भी बनी हुई है।
OBC में कौन-कौन सी जातियां आती हैं?
उत्तर प्रदेश में OBC जाति सूची में राज्य की लगभग 50% आबादी शामिल है। इसमें यादव, कुर्मी, कोइरी, केवट, बिंद, निषाद, मल्लाह, कश्यप, प्रजापति, कहार, राजभर, धीमर, मांझी और गौड़ जैसी जातियां शामिल हैं। केंद्रीय स्तर पर OBC की क्रीमी लेयर की सीमा 8 लाख रुपये वार्षिक आय तक निर्धारित है।
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