Campaign : सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ‘अराइव अलाइव’

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 11, 2026 • 11:33 PM

हैदराबाद। तेलंगाना राज्य में सड़क दुर्घटनाओं (Road accidents) और उनमें होने वाली मौतों को उल्लेखनीय रूप से कम करने के संकल्प के साथ पुलिस विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘अराइव अलाइव’ रोड सेफ्टी जनजागरूकता अभियान (Road safety awareness campaign) में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 12 जनवरी को यूसुफगुड़ा स्थित इंडोर स्टेडियम में भाग लेंगे। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी। डीजीपी ने बताया कि यह राज्यव्यापी अभियान 13 जनवरी से 24 जनवरी तक, त्योहारों की छुट्टियों को छोड़कर, कुल दस दिनों तक चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता की भागीदारी से सड़क दुर्घटनाओं और प्राणहानि को प्रभावी रूप से कम करना है। उन्होंने कहा कि ‘अराइव अलाइव’ का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क सुरक्षा का महत्व हर तेलंगाना नागरिक के मन में गहराई से स्थापित हो।

सभी को पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश

इस अभियान को सफल बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर अंतिम स्तर के पुलिस कर्मियों तक सभी को पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाकर दुर्घटनाओं को कम करना, डिफेंसिव ड्राइविंग की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा गांव से लेकर जिला स्तर तक सड़क सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना लक्ष्य है। छात्रों, युवाओं, सेलिब्रिटीज़, स्वयंसेवी संस्थाओं, कॉर्पोरेट जगत, मीडिया, जनप्रतिनिधियों, सभी सरकारी विभागों और न्यायिक संस्थाओं की भागीदारी से तेलंगाना को देश का आदर्श सड़क सुरक्षा राज्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

खतरनाक आदतों पर दिया जाएगा विशेष ध्यान

उन्होंने बताया कि हेलमेट न पहनना (विशेषकर पिलियन राइडर्स द्वारा), सीट बेल्ट का उपयोग न करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल, शराब पीकर ड्राइविंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, सिग्नल जंपिंग, स्टॉप लाइन का उल्लंघन, हाईवे पर ऑटो ओवरलोडिंग, मीटर व यूनिफॉर्म नियमों का उल्लंघन, हाई बीम लाइट्स का प्रयोग तथा बाईं ओर से ओवरटेकिंग जैसी खतरनाक आदतों पर इस अभियान में विशेष ध्यान दिया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि जिला स्तर पर पुलिस कमिश्नर अथवा जिला एसपी के नेतृत्व में, विभिन्न विभागों के सहयोग से अभियान चलाया जाएगा। डिवीजन स्तर पर एसडीपीओ, मंडल स्तर पर सीआई व एसआई तथा ग्राम स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में ग्राम ट्रैफिक सेफ्टी कमेटियों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई जाएगी। इसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, युवा, एनसीसी प्रतिनिधि, ऑटो चालक, ट्रैक्टर मालिक आदि को भी शामिल किया जाएगा।

स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ विशेष कार्यक्रम किए जाएंगे आयोजित

इन दस दिनों में डिफेंसिव ड्राइविंग, छात्र-युवा जागरूकता, ग्रामीण सड़क सुरक्षा, महिला व पारिवारिक सुरक्षा, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, सेलिब्रिटी-मीडिया सहभागिता, कॉर्पोरेट व परिवहन क्षेत्र तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्राम सभाओं, शैक्षणिक संस्थानों, ऑटो, आरटीसी बसों, निजी ट्रैवल्स, कैब सेवाओं, काइट फेस्टिवल्स, रंगोली प्रतियोगिताओं, रोड कैंपेन, ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष उपायों, मॉल्स, बाजारों, रैतू बाजारों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, कंपनियों, कारखानों, धार्मिक संस्थाओं, एसईआरपी और एमईपीएमए समूहों के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा।

‘अराइव अलाइव’ अभियान को पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश

डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि इस ‘अराइव अलाइव’ अभियान को पूरे राज्य में एकरूपता और पूरी गंभीरता के साथ लागू करने के निर्देश सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला एसपी को दिए गए हैं। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाकर तेलंगाना को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश के लिए आदर्श राज्य बनाया जाएगा।

जन जागरूकता अभियान क्या हैं?

समाज में लोगों को किसी विशेष विषय, समस्या या अधिकार के बारे में जानकारी देने और सही व्यवहार अपनाने के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों को जन जागरूकता अभियान कहा जाता है। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों की सोच और आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना होता है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, मतदान और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर ऐसे अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जाते हैं।

सुरक्षा जागरूकता अभियान क्या हैं?

लोगों को सुरक्षित रहने के तरीकों, जोखिमों और सावधानियों के बारे में जानकारी देने के लिए चलाए गए कार्यक्रम सुरक्षा जागरूकता अभियान कहलाते हैं। इनमें सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े अभियान शामिल होते हैं। इनका मकसद दुर्घटनाओं, अपराधों और नुकसान को कम करना तथा जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना होता है।

वर्ष 2025 के लिए सड़क सुरक्षा अभियान की थीम क्या है?

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में सड़क सुरक्षा अभियान की थीम “सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा” रखी गई है। इस विषय के तहत हेलमेट, सीट बेल्ट, गति नियंत्रण, नशे में वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जाता है।

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