ART :12 वर्षीय कुचीपुड़ी नृत्यांगना का ‘गिरि प्रदक्षिणा’ मार्ग पर नृत्य

By Ajay Kumar Shukla | Updated: March 10, 2026 • 12:28 PM

हैदराबाद । कला, संस्कृति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला जब 12 वर्षीय कुचीपुड़ी नृत्यांगना पी. श्री वैष्णो देवी ने स्वाति हैदराबाद । कला, संस्कृति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला जब 12 वर्षीय कुचीपुड़ी नृत्यांगना पी. श्री वैष्णो देवी ने स्वाति नक्षत्र के पावन अवसर पर यादाद्री स्थित श्री लक्ष्मी नरसिंह स्वामी देवस्थानम में विशेष नृत्य प्रस्तुति दी। स्वाति नक्षत्र (Swati Nakshatra) भगवान लक्ष्मी नरसिम्हा (Lord Lakshmi Narasimha) की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पवित्र ‘गिरि प्रदक्षिणा’ करने पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु

इस दिन हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने और पवित्र ‘गिरि प्रदक्षिणा’ करने पहुंचते हैं, ताकि शांति, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। इसी अवसर पर हैदराबाद की 12 वर्षीय नृत्यांगना श्री वैष्णो देवी ने पूरे 3 किलोमीटर लंबे गिरि प्रदक्षिणा मार्ग पर लगातार कुचीपुड़ी नृत्य प्रस्तुत किया

अनोखी प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी

यह अनोखी प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई, जो पवित्र पहाड़ी की परिक्रमा करते हुए नृत्य का आनंद लेते रहे। इस धार्मिक आयोजन में वैष्णो देवी की 86 वर्षीय परदादी भी परिवार के साथ गिरि प्रदक्षिणा में शामिल हुईं।

लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी के 9 मंदिर कौन से हैं?

आंध्र प्रदेश के Ahobilam क्षेत्र में भगवान नरसिंह के नव (9) स्वरूपों के मंदिर प्रसिद्ध हैं, जिन्हें नव नरसिंह मंदिर कहा जाता है:

  1. Jwala Narasimha Temple
  2. Ahobila Narasimha Temple
  3. Malola Narasimha Temple
  4. Krodha (Varaha) Narasimha Temple
  5. Karanja Narasimha Temple
  6. Bhargava Narasimha Temple
  7. Yogananda Narasimha Temple
  8. Chatravata Narasimha Temple
  9. Pavana Narasimha Temple

इन सभी मंदिरों को मिलाकर नव नरसिंह तीर्थ कहा जाता है।

लक्ष्मी नरसिंह बीज मंत्र क्या है?

भगवान नरसिंह का प्रसिद्ध बीज मंत्र है:

“ॐ क्ष्रौं नमो भगवते नरसिंहाय”

एक अन्य शक्तिशाली मंत्र:
“ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युर्मृत्युं नमाम्यहम्॥”

सबसे शक्तिशाली नरसिम्हा स्वामी मंदिर कौन सा है?

भारत में कई शक्तिशाली नरसिंह मंदिर माने जाते हैं, लेकिन सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंदिरों में ये शामिल हैं:

इनमें से आहोबिलम को वह स्थान माना जाता है जहाँ भगवान नरसिंह ने प्रह्लाद की रक्षा के लिए अवतार लिया था, इसलिए इसे अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

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