Assembly : कर्मचारियों के मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री का बीआरएस विधायकों को जवाब

By Ajay Kumar Shukla | Updated: March 23, 2026 • 12:21 PM

हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Ministe) भट्टी विक्रमार्का ने विधानसभा में बीआरएस विधायकों द्वारा उठाए गए कर्मचारियों (Employees) के मुद्दों पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता की सरकार सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बीआरएस सरकार देरी से देती थी कर्मचारियों को वेतन

उन्होंने बताया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के शासनकाल में कर्मचारियों को हर महीने की 15 तारीख के बाद वेतन मिलता था, जबकि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से हर महीने की पहली तारीख को समय पर वेतन देना सुनिश्चित किया है।

डीए की किस्तों को वर्तमान सरकार ने जारी कर दिया

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा लंबित छोड़ी गई तीन महंगाई भत्ते (DA) की किस्तों को वर्तमान सरकार ने जारी कर दिया है। साथ ही, पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट लाभों के भुगतान से बचने के लिए सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 61 वर्ष और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई थी, जिससे अब 17,000 कर्मचारियों के रिटायरमेंट लाभ का बोझ वर्तमान सरकार पर आया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार ने कर्मचारियों के सभी लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान कर दिया है। सत्ता में आने के समय पिछली सरकार 40,150 करोड़ रुपए के बकाया छोड़ गई थी, जिसमें से 4,575 करोड़ रुपए कर्मचारियों से संबंधित थे। इस मुद्दे पर विधानसभा में श्वेत पत्र भी जारी किया गया।

कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट कार्ड शुरू करने की योजना

सरकार हर महीने 700 करोड़ रुपए का भुगतान कर कर्मचारियों के बकाया चुकता कर रही है और इसे बढ़ाकर 1,000 करोड़ करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि बकाया तेजी से खत्म किया जा सके। भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि सरकार कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट कार्ड शुरू करने जा रही है। साथ ही, दुर्घटना में मृत्यु होने पर कर्मचारियों के परिवार को 1.25 करोड़ का बीमा देने की योजना भी लागू की जा रही है।

पीआरसी रिपोर्ट आने के बाद नए वेतनमान पर निर्णय

उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 6,146 करोड़ रुपए कर्मचारियों से संबंधित बकाया का भुगतान किया जा चुका है। PRC (पे रिवीजन कमीशन) रिपोर्ट आने के बाद नए वेतनमान पर निर्णय लिया जाएगा, जबकि चार DA अभी लंबित हैं, जिन पर जल्द ही नीति निर्णय लिया जाएगा। अंत में उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने वित्तीय व्यवस्था को कमजोर कर दिया था, जबकि वर्तमान सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।

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