हैदराबाद। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) ने बुधवार को दावा किया कि पिछले बीआरएस सरकार ने 10 वर्षों के शासन में सिंगरेणी कॉलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) को पूरी तरह लूटा, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार भी वही गलत नीतियां जारी रखे हुए है, जिससे कंपनी गंभीर वित्तीय संकट में फंस गई है। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए किशन रेड्डी ने कहा कि सिंगरेनी (Singareni) पर लगभग 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसके चलते कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी कंपनी को उधार लेना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एससीसीएल को 32,000 करोड़ रुपये देनी बाकी है और बीआरएस शासन के दौरान लिए गए निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के इशारे पर होते थे।
सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक
केंद्रीय मंत्री ने नैनी कोयला ब्लॉक मुद्दा का जिक्र करते हुए कहा कि एससीसीएल टेंडरों में साइट विजिट सर्टिफिकेट को अनिवार्य बनाने से देरी और भ्रष्टाचार बढ़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है और बीआरएस के कार्यकाल में केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद उन्होंने कुछ कंपनियों और व्यक्तियों के लाभ के लिए काम किया। किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि एससीसीएल का कोयला गुणवत्ता में कम (58%) होने के बावजूद G11 ग्रेड को 4,088 रुपये प्रति टन बेच रहा है, जबकि कोल इंडिया का मूल्य 1,605 रुपये प्रति टन है। उन्होंने बीआरएस और कांग्रेस दोनों सरकारों में भ्रष्टाचार, अनियमितताएं और भूमि हड़पने की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इससे एससीसीएल का भविष्य और कर्मचारियों की भलाई खतरे में है।
श्री जी किशन रेड्डी कौन हैं?
केंद्रीय राजनीति में सक्रिय यह नेता भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे लोकसभा सांसद रहे हैं और वर्तमान में भारत सरकार में कोयला एवं खान मंत्री के रूप में कार्यरत हैं, साथ ही तेलंगाना की राजनीति में भी उनका प्रभाव माना जाता है।
तेलंगाना में किशन रेड्डी कौन है?
राज्य की भाजपा राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाने वाले वे वरिष्ठ नेता हैं। हैदराबाद क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव रहा है और संगठनात्मक क्षमता, चुनावी रणनीति तथा केंद्रीय नेतृत्व से नजदीकी के कारण वे तेलंगाना भाजपा के मजबूत चेहरे माने जाते हैं।
तेलंगाना में कोयला मंत्री कौन है?
राज्य स्तर पर अलग से कोयला मंत्रालय नहीं होता। यह विषय केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है, और वर्तमान में यह जिम्मेदारी जी. किशन रेड्डी के पास है, जो केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :