टीटीडी प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा की
तिरुपति। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कार्यकारी अधिकारी एम. रविचंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तिरुमला और तिरुपति आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु एक समग्र योजना तैयार की जाए। उन्होंने बुधवार को तिरुपति स्थित टीटीडी प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान आवास सुविधाएं बढ़ती श्रद्धालुओं (Devotees) की संख्या के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं और विशेष रूप से तिरुपति क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए विस्तार की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
प्रमुख स्थानों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के दिए निर्देश
गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने तिरुमला में माडा सड़कों, मंदिर परिसर और अन्य प्रमुख स्थानों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए। ईओ ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से फीडबैक एकत्र करने और उसके आधार पर सेवाओं में सुधार करने को कहा। उन्होंने टीटीडी के सभी मंदिरों में क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने घी और कच्चे माल के भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए नए गोदाम बनाने की योजना तैयार करने तथा लंबित ठोस अपशिष्ट को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएसी-1 और अस्थाना मंडपम के आधुनिकीकरण के लिए भी कदम उठाने को कहा।
अन्य मंदिरों तक इसका विस्तार करने के दिए निर्देश
इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्रीवारी सेवा प्रणाली को और सुदृढ़ करने तथा अन्य मंदिरों तक इसका विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षकों और सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों जैसे पेशेवरों की सेवाओं के उपयोग के लिए भी योजना बनाने का सुझाव दिया। बैठक में कल्याण मंडपम, एसवीबीसी, एसवीआईएमएस, एफएमएस सेवाएं, आवास व्यवस्था, एसएसडी, एसईडी और श्रीवाणी टिकट जारी करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक में टीटीडी के अतिरिक्त ईओ सी.एच. वेंकय्या चौधरी, संयुक्त कार्यकारी अधिकारी वी. वीरब्रह्मम, डॉ. ए. शरथ, सीवीएसओ के.वी. मुरली कृष्ण, मुख्य अभियंता टी.वी. सत्यनारायण, अतिरिक्त एफएसीएओ रवि प्रसाद, प्रभारी विधि अधिकारी वेंकट सुब्बा नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
तिरुपति से तिरुमाला की पैदल दूरी कितनी है?
तिरुमाला तक तिरुपति से पैदल जाने के लिए दो मुख्य रास्ते हैं—अलिपिरी और श्रीवारी मेट्टू। अलिपिरी मार्ग से दूरी लगभग 11–12 किलोमीटर होती है, जबकि श्रीवारी मेट्टू मार्ग से यह करीब 2.5–3 किलोमीटर है। श्रद्धालु सीढ़ियों के माध्यम से यह यात्रा करते हैं, जिसे धार्मिक रूप से बहुत पवित्र माना जाता है।
तिरुमला तिरुपती देवस्थानम क्या है?
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम एक ट्रस्ट है, जो तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन करता है। यह संस्था मंदिर की व्यवस्था, दर्शन प्रणाली, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का संचालन करती है। यह भारत के सबसे समृद्ध और प्रसिद्ध धार्मिक संस्थानों में से एक है, जो लाखों भक्तों की सेवा करता है।
क्या हमें सीधे तिरुमाला में 300 रुपये के टिकट मिल सकते हैं?
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम द्वारा 300 रुपये का “शीघ्र दर्शन” टिकट (Special Entry Darshan) उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन यह हमेशा सीधे मौके पर मिलना निश्चित नहीं होता। अधिकतर मामलों में टिकट पहले से ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से लेना पड़ता है। कभी-कभी सीमित संख्या में काउंटर पर भी टिकट मिल सकते हैं, परंतु भीड़ के कारण अग्रिम बुकिंग करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है।
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