Telangana : वैज्ञानिक फसल योजना के लिए सैटेलाइट मैपिंग को बढ़ावा- मंत्री तुम्मला

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तुम्मला
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हैदराबाद। तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव (Tummala Nageswara Rao) ने शनिवार को राज्य में कृषि को आधुनिक बनाने के लिए सैटेलाइट इमेजिंग का उपयोग ‘कम्पास’ के रूप में करने पर जोर दिया। मंत्री ने प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना स्टेट एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में बताया कि सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल मांग पूर्वानुमान, आपूर्ति श्रृंखलाओं, फसल बीमा और आपदा प्रबंधन में सुधार लाने के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि खरीफ मौसम की सैटेलाइट आधारित फसल मैपिंग का यसंगी मौसम (The Companionless Season) के दौरान ग्राउंड सर्वे के साथ सत्यापन किया जा रहा है और अगले वर्ष इसे व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।

बाजार मूल्य सुनिश्चित करने में करेगा मदद

मंत्री ने कहा कि सटीक और वास्तविक समय डेटा किसानों को बेहतर निर्णय लेने, अति-उत्पादन रोकने और बाजार मूल्य सुनिश्चित करने में मदद करेगा। उन्होंने कृषि, राजस्व और वनों के विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि डेटा अंतर को पूरा किया जा सके और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर उत्पादन और पारदर्शिता को सुधारा जा सके। सैटेलाइट डेटा के आधार पर मिट्टी की स्थिति, जल उपलब्धता और फसल स्वास्थ्य का विश्लेषण कर किसानों को व्यापक मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान किया जा सकता है। बैठक में कृषि विभाग के सचिव सुरेंद्र मोहन, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

फसल बीमा का पैसा कैसे चेक करें?

ऑनलाइन माध्यम से स्थिति देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर या आधार के जरिए लॉगिन किया जाता है। वहां क्लेम स्टेटस और भुगतान की जानकारी मिलती है। इसके अलावा बैंक शाखा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी जानकारी ली जा सकती है, जहां कर्मचारी आपकी सहायता करते हैं।

फसल को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

अंग्रेजी भाषा में “फसल” को “Crop” कहा जाता है। यह शब्द खेतों में उगाई जाने वाली सभी कृषि उपज के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे गेहूं, धान, मक्का, दालें आदि। खेती और कृषि से जुड़े विषयों में यह एक सामान्य और महत्वपूर्ण शब्द है, जिसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किया जाता है।

किसानों के लिए 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि क्या है?

सामान्य तौर पर खरीफ सीजन के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की जाती है। यह तारीख प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लागू होती है, हालांकि राज्य या वर्ष के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा से पहले आवेदन कर लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई मिल सके।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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