Hyderabad : पब्लिक रिलेशंस और पत्रकारिता दोनों का आधार सत्य और सूचना का प्रसार – डॉ. अजीत

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 31, 2026 • 10:46 PM

नालंदा पब्लिक रिलेशंस यूथ फेस्टिवल–2026 का आयोजन

हैदराबाद। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI), हैदराबाद चैप्टर ने डॉ. बी. आर. अंबेडकर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के सहयोग से बाग लिंगमपल्ली स्थित परिसर में नालंदा पब्लिक रिलेशंस यूथ फेस्टिवल–2026 का सफल आयोजन किया। इस फेस्टिवल में शहर के विभिन्न कॉलेजों के जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन से जुड़े 170 विद्यार्थियों ने अपने फैकल्टी (Faculty) समन्वयकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीआरएसआई के सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक रहे। उन्होंने फेस्टिवल की थीम ‘समाज पर पीआर और आधुनिक पत्रकारिता की नैतिकता एवं प्रभाव’ पर संबोधित करते हुए कहा कि पीआर और पत्रकारिता दोनों का आधार सत्य और सूचना का प्रसार है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विवेकपूर्ण उपयोग पर दिया जोर

उन्होंने नैतिक संचार, मूल्यों की रक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। पीआरएसआई के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (दक्षिण) एवं नालंदा फोरम सब-कमेटी संयोजक कृष्णा बाजी ने कहा कि नालंदा स्टूडेंट फोरम पहल के अंतर्गत हैदराबाद चैप्टर 11 शिक्षण संस्थानों के साथ देश में अग्रणी स्थान पर है। हैदराबाद चैप्टर के चेयरमैन डॉ. यादगिरी कम्भमपति ने स्वागत भाषण में छात्रों को संबोधित करने के लिए डॉ. अजीत पाठक का आभार व्यक्त किया और पीआरएसआई की विभिन्न छात्र-हितैषी पहलों की जानकारी दी। पीआरएसआई के पूर्व महासचिव एवं पब्लिक रिलेशंस वॉयस के संपादक वाई. बाजी ने कहा कि स्टूडेंट फोरम का उद्देश्य मेंटरशिप इकोसिस्टम तैयार कर भविष्य के नेतृत्व को विकसित करना है।

डॉ. पाठक के दृष्टिकोण की सराहना

पीआरएसआई हैदराबाद चैप्टर सेक्रेटरी राजेश कल्याण ने बताया कि हैदराबाद चैप्टर के पूर्व चेयरमैन और ‘कॉर्पोरेट्स से स्कूलों तक पीआर’ पहल के संयोजक के. गोविंदराज ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के विकास पर डॉ. पाठक के दृष्टिकोण की सराहना की। इस अवसर पर पीआरएसआई हैदराबाद चैप्टर द्वारा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले चौथे टीजीपीआर सम्मेलन का ब्रोशर डॉ. अजीत पाठक द्वारा जारी किया गया। होस्ट कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. यादगिरी और प्रिंसिपल डॉ. शेखर मट्टा ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन पीआर वायस के एसोसिएट एडिटर पी. मोहन राव और नालंदा पीआरएसआई स्टूडेंट्स फोरम की को-कन्वीनर डॉ. फातिमा ने किया।

पत्रकारिता के 4 प्रकार कौन से हैं?

सामान्य रूप से पत्रकारिता के चार प्रमुख प्रकार माने जाते हैं—प्रिंट पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता, डिजिटल/ऑनलाइन पत्रकारिता और रेडियो पत्रकारिता। प्रिंट में अख़बार-पत्रिकाएँ, इलेक्ट्रॉनिक में टीवी, डिजिटल में वेबसाइट-सोशल मीडिया और रेडियो में ऑडियो माध्यम शामिल होते हैं।

पत्रकारिता का कोर्स कितने साल का होता है?

शैक्षणिक तौर पर पत्रकारिता का कोर्स अलग-अलग स्तरों पर उपलब्ध है। डिप्लोमा आमतौर पर 1 वर्ष का होता है, स्नातक (BA/BJMC) 3 वर्ष का और स्नातकोत्तर (MA/MJMC) 2 वर्ष का होता है। अवधि संस्थान और पाठ्यक्रम पर निर्भर करती है।

भारत का पहला पत्रकार कौन था?

ऐतिहासिक रूप से भारत के पहले पत्रकार के रूप में जेम्स ऑगस्टस हिकी को माना जाता है। उन्होंने 1780 में “हिकीज़ बंगाल गजट” नामक पहला समाचार पत्र शुरू किया था, जिसने भारत में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता की नींव रखी।

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