Breaking News : पाकिस्तान में 48 घंटों में 20 से अधिक बार आया भूकंप, दहशत में नागरिक

By digital | Updated: June 5, 2025 • 12:43 PM

भूकंपों की तीव्रता 2.1 से 3.6 मैग्नीट्यूड के बीच

पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर कराची बीते 48 घंटों में 20 से अधिक भूकंप के झटकों से हिल गया है। पूरे शहर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है। रविवार रात से शुरू हुए इन भूकंपों की तीव्रता 2.1 से 3.6 मैग्नीट्यूड के बीच रही है। हालांकि, पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन कुछ स्वतंत्र भूवैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह छोटे भूकंप एक बड़े और विनाशकारी भूकंप का संकेत हो सकते हैं।

पाकिस्तान में रविवार रात से लग गई है भूकंपों की झड़ी

कराची में रविवार रात से भूकंपों की झड़ी लग गई है। अब तक 21 हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे शक्तिशाली भूकंप 3.6 मैग्नीट्यूड का था, जिसने रविवार रात को शहर को हिला दिया। इस झटके के कारण मलीर जेल की दीवार आंशिक रूप से ढह गई, जिसके परिणामस्वरूप 216 कैदी भाग निकले। ये अपराधी पूरे शहर में छिप रहे हैं जिससे लोगों में और भी दहशत है। इस घटना ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है और जेलब्रेक की जांच शुरू कर दी गई है।

पाकिस्तान में कराची के गदाप और कायदाबाद जैसे इलाकों में भी भूकंप के झटके

कराची के गदाप और कायदाबाद जैसे इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। स्थानीय लोगों ने खोखरापार, मलीर, लांधी, फ्यूचर मोर, गुल अहमद और हॉस्पिटल चौक जैसे क्षेत्रों में धरती हिलने की सूचना दी। हालांकि, अभी तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार भूकंपों ने शहरवासियों में भय पैदा कर दिया है।

कराची के मुख्य मौसम विज्ञानी आमिर हैदर लघारी ने कही यह बात

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) के महानिदेशक माहर साहिबजाद खान ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, “अगले दो से तीन दिनों तक हल्की तीव्रता के भूकंप आ सकते हैं, लेकिन स्थिति में सुधार होगा और इनकी तीव्रता कम हो जाएगी।” कराची के मुख्य मौसम विज्ञानी आमिर हैदर लघारी ने बताया कि शहर में एक ऐतिहासिक फॉल्ट लाइन सक्रिय हो गई है, जो इन भूकंपों का कारण बन रही है। उन्होंने कहा, “यह फॉल्ट लाइन अपनी भूकंपीय ऊर्जा को रिलीज कर रही है, और हमें उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर ये छोटे झटके खत्म हो जाएंगे।”

जनता को पहले से देनी चाहिए चेतावनी

स्वतंत्र भूवैज्ञानिकों का दृष्टिकोण इससे अलग है। अर्थक्वेक न्यूज एंड रिसर्च सेंटर के सीईओ शाहबाज लघारी ने दावा किया कि उनकी टीम ने इन भूकंपों की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। उन्होंने चेतावनी दी, “शुक्रवार और शनिवार की रात कराची के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। हमारा शोध बताता है कि छोटे भूकंपों की श्रृंखला अक्सर एक बड़े भूकंप का संकेत होती है।” लघारी ने सुझाव दिया कि सिंध सरकार को जनता को पहले से चेतावनी देनी चाहिए।

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