SIT : केसीआर से पूछताछ के विरोध में तेलंगाना भर में बीआरएस का उग्र प्रदर्शन

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 2, 2026 • 1:09 PM

कई नेताओं को हिरासत में लिया गया, सड़के जाम रही

हैदराबाद। कथित फोन टैपिंग मामले में विशेष जांच दल (SIT) द्वारा भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) को पूछताछ के लिए तलब किए जाने के विरोध में रविवार को तेलंगाना भर में बीआरएस कार्यकर्ताओं ने व्यापक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। गांवों के चौराहों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक बीआरएस कार्यकर्ताओं ने रैलियां निकालीं, सड़कों को अवरुद्ध किया और पुतले जलाकर एसआईटी की कार्रवाई को राजनीतिक उत्पीड़न करार दिया।

बीआरएस नेताओं ने किया जुलूसों का नेतृत्व

बड़ी संख्या में समर्थक केसीआर के एर्रावेल्ली स्थित आवास पर भी एकत्रित हुए। नागरर्कनूल, सिद्दीपेट, निजामाबाद, आदिलाबाद, जनगांव, मेडक, नलगोंडा और जोगुलंबा गदवाल सहित कई जिलों में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के पुतले जलाए गए। मंडल मुख्यालयों के साथ-साथ दूरदराज के गांवों में भी प्रदर्शन देखने को मिले, जहां स्थानीय बीआरएस नेताओं ने जुलूसों का नेतृत्व किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से अर्थी जुलूस निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर धरनों में लिया भाग

राज्यभर में बीआरएस के पूर्व विधायकों, जिला स्तरीय नेताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रैलियों, बाइक रैलियों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर धरनों में भाग लिया। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव के आह्वान पर किए गए राज्यव्यापी आंदोलन के मद्देनज़र कई इलाकों में पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिससे कुछ स्थानों पर तनाव का माहौल बन गया।

क्या पुलिस हमारे फोन को टैप कर सकती है?

पुलिस किसी व्यक्ति का फोन टैप केवल कानून के तहत कर सकती है। भारत में टेलीग्राफ अधिनियम 1885 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के नियमों के तहत, जब पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा, अपराध की जांच या गंभीर आपराधिक मामलों में जरूरत होती है, तभी न्यायालय या उच्च अधिकारी की अनुमति से फोन टैप किया जा सकता है। बिना अनुमति फोन टैप करना अवैध है और नागरिक की निजता का उल्लंघन माना जाता है।

फोन टैप करने की सजा क्या है?

अगर कोई व्यक्ति या संस्था बिना कानूनी अनुमति के किसी का फोन टैप करती है, तो इसे अपराध माना जाता है। भारत में इसके लिए कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत, फोन टैप करने वाला 3 साल तक की जेल या जुर्माने के दायरे में आता है। गंभीर मामलों में दोनों सजा एक साथ भी दी जा सकती है।

क्या आपके फोन को टैप करना कानूनी है?

कानून के अनुसार, बिना अधिकृत अनुमति के किसी का फोन टैप करना पूरी तरह अवैध है। केवल अदालत या निर्धारित अधिकारी की अनुमति मिलने पर ही फोन को कानूनी तरीके से टैप किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति अपने फोन को सुरक्षित रखना चाहता है, तो उसे सुरक्षा उपाय, एन्क्रिप्शन और सतर्क व्यवहार अपनाना चाहिए।

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