Hyderabad : टैक्स धोखाधड़ी मामलें में व्यापारी संदीप कुमार गोयल गिरफ्तार

By Ajay Kumar Shukla | Updated: March 14, 2026 • 8:55 AM

धोखाधड़ी से सरकार को लगभग 84.15 करोड़ रुपये का नुकसान

हैदराबाद। तेलंगाना राज्य वाणिज्य कर विभाग (Telangana State Commercial Taxes Department) ने उन करदाताओं पर कड़ी निगरानी तेज कर दी है जो वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में धोखाधड़ी में संलिप्त हैं। विभाग की विश्वसनीय खुफिया जानकारी और विस्तृत डेटा विश्लेषण के आधार पर संदीप कुमार गोयल, स्वामी एम/एस एसकेजी ट्रेडिंग कंपनी की गतिविधियों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि उन्होंने बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के जारी किए गए चालानों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाया।

इस धोखाधड़ी से सरकार को लगभग 84.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्हें कई अवसर दिए गए थे कि वे राजस्व की हानि को सही कर सकें। वाणिज्य कर आयुक्त, तेलंगाना ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि संदीप कुमार गोयल, एम/एस एचएफसी स्टील ट्यूब्स एंड वाल्व्स के स्वामी और एम/एस विजय इंडस्ट्रियल नीड्स एलएलपी (M/s Vijay Industrial Needs LLP) के साझेदार होने के नाते, इन कंपनियों में भी बिना वास्तविक माल और सेवाओं के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग कर रहे थे। इन दोनों संस्थाओं का पंजीकरण रद्द कर दिया गया।

2017 के प्रावधानों के तहत गोयल को किया गिरफ्तार

अपराध की गंभीरता को देखते हुए वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने तेलंगाना जीएसटी अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के तहत संदीप कुमार गोयल को गिरफ्तार किया। उसे न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार सक्षम न्यायालय में पेश किया गया और आज न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वाणिज्य कर विभाग ने कहा कि धोखाधड़ी, नकली चालान और अन्य जीएसटी कानून उल्लंघनों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने यह भी दोहराया कि उसका लक्ष्य एक पारदर्शी और निष्पक्ष कर प्रणाली बनाए रखना है, जो राज्य में व्यापार करने की सुगमता में योगदान दे। एम/एस एसकेजी ट्रेडिंग कंपनी मामले में आगे की जांच जारी है।

वित्तीय धोखाधड़ी क्या कहलाती है?

जब कोई व्यक्ति या संस्था पैसे से जुड़ा फायदा पाने के लिए झूठ, छल या गलत तरीके का इस्तेमाल करती है, तो उसे वित्तीय धोखाधड़ी कहा जाता है। इसमें बैंक खाते से अवैध पैसे निकालना, नकली दस्तावेज़ बनाकर लोन लेना, ऑनलाइन ठगी या निवेश के नाम पर लोगों से पैसा लेना जैसे मामले शामिल होते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति को आर्थिक नुकसान होता है और यह कानूनन दंडनीय अपराध माना जाता है।

धोखाधड़ी कौन सा अपराध है?

धोखाधड़ी एक आपराधिक अपराध माना जाता है। जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को धोखा देकर पैसा, संपत्ति या अन्य लाभ प्राप्त करता है, तो इसे धोखाधड़ी कहा जाता है। भारतीय कानून के अनुसार यह दंडनीय अपराध है और दोषी पाए जाने पर जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। इसका उद्देश्य लोगों को आर्थिक या व्यक्तिगत नुकसान से बचाना और समाज में न्याय बनाए रखना होता है।

बैंक धोखाधड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है?

बैंक धोखाधड़ी के लिए आमतौर पर वही व्यक्ति या समूह जिम्मेदार होता है जो गलत तरीके से पैसे निकालने, नकली दस्तावेज़ बनाने या ऑनलाइन ठगी करने जैसे काम करता है। यदि किसी बैंक कर्मचारी की लापरवाही या मिलीभगत साबित हो जाए तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों की जांच बैंक और संबंधित सरकारी एजेंसियाँ करती हैं और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार सजा दी जाती है।

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