Case : प्रेम विवाह मामले में टीजीएचआरसी का हस्तक्षेप

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 13, 2026 • 3:13 PM

हैदराबाद। तेलंगाना राज्य मानवाधिकार आयोग (TGHRC) ने प्रेम विवाह से जुड़े एक मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जस्टिस शमीम अख्तर ने एचआरसी नंबर 354/2026 (एसआर 553/2026) में दर्ज शिकायत (Complaint) पर गंभीर संज्ञान लिया।

गर्भावस्था को जबरन समाप्त करने का प्रयास

शिकायतकर्ता महेश ने आरोप लगाया कि उन्होंने 30 जनवरी 2026 को भग्या से प्रेम विवाह किया था। विवाह का विरोध करते हुए महिला के पिता और बहनोई ने नागरकर्नूल जिले के कल्वाकुर्ती के पास एक अस्पताल में उसकी चार माह की गर्भावस्था को जबरन समाप्त करने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि अत्यधिक दबाव और उत्पीड़न के कारण महिला ने एक समय आत्महत्या का प्रयास किया। साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस ने न तो प्राथमिकी दर्ज की और न ही त्वरित कार्रवाई की। आयोग ने टिप्पणी की कि महिला की स्वतंत्र और स्वैच्छिक सहमति के बिना जबरन गर्भपात कराना एक गंभीर आपराधिक अपराध है।

पुलिस को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश

आयोग ने उप मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), कल्वाकुर्ती तथा थाना प्रभारी, वंगूर पुलिस स्टेशन को निर्देश दिया कि वे तत्काल शिकायत पर ध्यान दें और कानून के अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नागरकर्नूल जिला पुलिस अधीक्षक की निगरानी में की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की त्वरित सूचना देने और 26 फरवरी 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

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