हैदराबाद। शांति और सुरक्षा व्यवस्था के संरक्षण में निरंतर कार्यरत मादापुर पुलिस कर्मियों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए, यह बात मादापुर निरीक्षक कृष्णमोहन ने कही। उन्होंने बताया कि माधापुर पुलिस थाना परिसर में एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (Urology) अस्पताल के सौजन्य से पुलिस कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. नवीन रेड्डी के नेतृत्व में चिकित्सा दल ने इस शिविर में भाग लेकर विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जाँचें कीं और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श (Counseling) दिया।
निःशुल्क की गई क्रिएटिनिन जाँच
शिविर के अंतर्गत रक्त जाँच, मूत्र जाँच, मधुमेह परीक्षण, रक्तचाप परीक्षण तथा गुर्दों की कार्यक्षमता बताने वाली क्रिएटिनिन जाँच निःशुल्क की गई। परीक्षणों के उपरांत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. नवीन रेड्डी ने रक्त में क्रिएटिनिन और सीरम स्तर के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गुर्दों को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है तथा भोजन में नमक का उपयोग कम करना चाहिए। उन्होंने यह भी सलाह दी कि रक्त में शर्करा स्तर को नियमित रूप से नियंत्रित रखा जाए। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाकर दीर्घकालिक रोगों से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य परीक्षण क्या होता है?
स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up) वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति के शरीर की सामान्य स्थिति जानने के लिए डॉक्टर द्वारा शारीरिक जांच, रक्त परीक्षण, मूत्र जांच, रक्तचाप, शुगर, कोलेस्ट्रॉल आदि की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाना और समय पर उपचार शुरू करना होता है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से गंभीर रोगों की रोकथाम और बेहतर जीवनशैली बनाए रखने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य के 7 प्रकार कौन से हैं?
स्वास्थ्य को सामान्यतः सात प्रमुख प्रकारों में बांटा जाता है—
- शारीरिक स्वास्थ्य
- मानसिक स्वास्थ्य
- भावनात्मक स्वास्थ्य
- सामाजिक स्वास्थ्य
- बौद्धिक स्वास्थ्य
- आध्यात्मिक स्वास्थ्य
- पर्यावरणीय स्वास्थ्य
इन सभी आयामों का संतुलन व्यक्ति के समग्र (Holistic) स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
शरीर में कौन सी बीमारी है कैसे पता करें?
बीमारी का सही पता लगाने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। लक्षणों के आधार पर चिकित्सक शारीरिक जांच, रक्त परीक्षण, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या अन्य डायग्नोस्टिक टेस्ट लिख सकते हैं। स्वयं अनुमान लगाने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना सुरक्षित होता है। समय पर जांच कराने से रोग की गंभीरता कम की जा सकती है और उपचार अधिक प्रभावी होता है।
पूरी बॉडी चेकअप का कितना खर्च आता है?
फुल बॉडी चेकअप का खर्च शहर, अस्पताल और जांचों की संख्या पर निर्भर करता है। सामान्य पैकेज की कीमत लगभग 1,500 रुपये से 5,000 रुपये तक हो सकती है, जबकि उन्नत या विस्तृत पैकेज 8,000 से 15,000 रुपये या उससे अधिक तक जा सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में यह कम लागत पर उपलब्ध हो सकता है। जांच से पहले पैकेज में शामिल टेस्ट की जानकारी लेना आवश्यक है।
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