అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు

Hyderabad : छत्रपति शिवाजी महाराज पूरे भारत के लिए गर्व के प्रतीक – राव

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: February 20, 2026 • 7:33 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

हैदराबाद। भाजपा के राज्य अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramachandra Rao) ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म जयंती के अवसर पर राज्य कार्यालय में आयोजित समारोह में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज सिर्फ मराठा योद्धा नहीं थे, बल्कि उन्होंने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और राष्ट्र के सम्मान की रक्षा की, जिससे वह पूरे भारत के लिए गर्व का प्रतीक बने। रामचंदर राव ने अपने संबोधन में कहा कि शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) के प्रति प्रशंसा किसी एक धर्म या जाति तक सीमित नहीं है। उनका प्रशासनिक कौशल और जनकल्याणकारी सुधार पूरे देश के लिए आदर्श हैं।

औरंगजेब जैसे निर्दयी शासकों के खिलाफ किया साहसपूर्वक संघर्ष

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे उसी मार्ग पर चलें, जिसे शिवाजी महाराज ने दिखाया, जिन्होंने औरंगजेब जैसे निर्दयी शासकों के खिलाफ साहसपूर्वक संघर्ष किया। भाजपा राज्य अध्यक्ष ने सभी भारतीयों से शिवाजी महाराज के प्रशासनिक सिद्धांत, धर्म के अनुसार शासन और देशभक्ति की भावना अपनाने का आह्वान किया। समारोह में निज़ामाबाद सांसद धर्मपुरी अरविंद, भाजपा पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास क्या है?

महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी किले में हुआ था। वे मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा थे। उन्होंने मुग़ल और आदिलशाही शासन के विरुद्ध संघर्ष कर स्वतंत्र हिंदवी स्वराज की स्थापना की। 1674 में रायगढ़ किले पर उनका राज्याभिषेक हुआ। उन्होंने मजबूत नौसेना, किलों की रणनीति और प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की। 1680 में उनका निधन हुआ।

छत्रपति शिवाजी के वंशज कौन थे?

महाराज के दो प्रमुख पुत्र थे—संभाजी महाराज और राजाराम महाराज। संभाजी महाराज उनके उत्तराधिकारी बने। आगे चलकर राजाराम और उनके वंशजों ने भी मराठा साम्राज्य को आगे बढ़ाया। बाद में सतारा और कोल्हापुर की दो अलग शाखाएँ बनीं, जिनसे मराठा राजघराने की परंपरा आगे चली।

शिवाजी महाराज को किसने मारा था?

महाराज की मृत्यु 3 अप्रैल 1680 को रायगढ़ किले में हुई थी। ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार उनका निधन बीमारी (संभवतः बुखार या पेचिश) के कारण हुआ था। उन्हें किसी युद्ध में नहीं मारा गया था। उनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र संभाजी महाराज ने मराठा साम्राज्य की बागडोर संभाली।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking news #HindiNews #LatestNews birth anniversary bjp telangana chhatrapati shivaji maharaj N Ramachandra Rao Tribute Ceremony

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.