शिकायतकर्ता एवं जिला शिक्षा अधिकारी को उपस्थित होने का निर्देश
हैदराबाद। तेलंगाना राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (TSCPCR) की सदस्य श्रीमती अपर्णा एवं श्रीमती वंदना ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्रीमती आर. रोहिणी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर आज आसिफनगर के मल्लेपल्ली सीतारामपेट स्थित सरकारी बालिका प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण तेलंगाना एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा दी गई एक शिकायत के बाद किया गया, जिसमें विद्यालय में बिजली, पेयजल एवं समुचित स्वच्छता सुविधाओं के अभाव की जानकारी दी गई थी। निरीक्षण के दौरान आयोग के सदस्यों ने शिकायतकर्ता, विद्यालय के शिक्षकों एवं स्थानीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शौचालयों, पेयजल व्यवस्था तथा बच्चों के लिए उपलब्ध अन्य बुनियादी ढांचे का भी निरीक्षण किया।
निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के उपरांत आयोग के सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती आर. रोहिणी को शौचालयों की शीघ्र मरम्मत, उचित पेयजल सुविधा की व्यवस्था तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही डीईओ को इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) आयोग को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। इसके अलावा आयोग ने डीईओ को स्थानीय समुदाय के सदस्यों से परामर्श एवं उनकी सहमति से विद्यालय को वर्तमान स्थान से गोशाकट हाईस्कूल में स्थानांतरित करने की संभावना पर विचार करने के निर्देश भी दिए। आयोग ने शिकायतकर्ता एवं जिला शिक्षा अधिकारी को अंतिम निस्तारण हेतु 10 फरवरी को आयोग कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
वर्तमान समय में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो हैं। वे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और शोषण से जुड़े मामलों पर सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनका दायित्व नीतियों की निगरानी करना और बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में हस्तक्षेप करना होता है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की स्थापना कब हुई थी?
ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की स्थापना मार्च 2007 में की गई थी। यह आयोग बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत गठित हुआ। इसका उद्देश्य देश में बच्चों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करना तथा सरकारी नीतियों और योजनाओं पर निगरानी रखना है।
बाल अधिकार आयोग में शिकायत कैसे करें?
व्यावहारिक रूप से बाल अधिकार आयोग में शिकायत ऑनलाइन, डाक या व्यक्तिगत रूप से की जा सकती है। शिकायत में बच्चे से जुड़ी पूरी जानकारी, घटना का विवरण और संबंधित दस्तावेज देना आवश्यक होता है। आयोग शिकायत की जांच कर संबंधित विभाग या राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देता है।
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