17 अप्रैल का दिन भारतीय महिलाओं के इतिहास में “ब्लैक डे” के रूप में
हैदराबाद। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे (Shobha Karandlaje) ने कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने दक्षिण भारत और देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारतीय महिलाओं के इतिहास में “ब्लैक डे” के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडी’ गठबंधन ने महिलाओं और दक्षिण भारत के हितों को ठेस पहुंचाई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 33% महिला आरक्षण विधेयक और दक्षिणी राज्यों के हितों की रक्षा के लिए परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़ा प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण में अग्रणी दक्षिणी राज्यों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न होने देना है।
3 करोड़ से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनी
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं ने संसद में इन प्रस्तावों के असफल होने का जश्न मनाया, जो देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर बांटने की साजिश का संकेत है। शोभा करंदलाजे ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में सभी राज्यों की सीटों में 50% वृद्धि का सुझाव दिया था और एक घंटे का समय मिलने पर नया बिल लाने की बात कही थी, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि मुद्रा लोन का 60% और एमएसएमई सब्सिडी का 53% लाभ महिलाओं को मिला है, और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनी हैं।
जनता के साथ अन्याय कर रही है कांग्रेस
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी “वंशवाद” की राजनीति करती है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की संसद में की गई टिप्पणियों को भी अपरिपक्व बताया। तेलंगाना सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की सरकार को विफल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान किए गए वादों जैसे महिलाओं को 2,500 सहायता, छात्राओं को स्कूटी, बेरोजगारों को भत्ता, पेंशन वृद्धि और विवाहित बेटियों को सोना देने में से एक भी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को झूठे वादों से गुमराह कर वोट हासिल करती है और वादे पूरे न कर पाने के कारण जनता के साथ अन्याय कर रही है।
महिला आरक्षण का 33% आरक्षण क्या है?
इस प्रावधान के तहत महिलाओं के लिए कुल सीटों में से 33% सीटें आरक्षित की जाती हैं, ताकि उनकी भागीदारी बढ़ सके। यह व्यवस्था पहले से पंचायत और नगर निकायों में लागू है। अब संसद और विधानसभाओं में भी इसे लागू करने का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है।
भारत में महिलाओं को कितना आरक्षण है?
देश में महिलाओं के लिए आरक्षण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग है। पंचायत और नगर निकायों में कम से कम 33% आरक्षण दिया गया है, जिसे कई राज्यों में बढ़ाकर 50% तक किया गया है। संसद और विधानसभाओं में भी 33% आरक्षण का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है, जो अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
महिला आरक्षण कब लागू होगा?
संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लागू होगा, लेकिन इसके लिए पहले जनगणना और परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही यह प्रावधान प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, इसलिए इसकी सटीक तारीख अभी तय नहीं है।
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