हैदराबाद। गांधी भवन में कांग्रेस अनुशासन समिति (Congress Disciplinary Committee) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद एवं अनुशासन समिति के चेयरमैन मल्लू रवि ने की। बैठक में पलाकुर्ती विधानसभा क्षेत्र से जांसी रेड्डी उपस्थित हुईं। इस दौरान बताया गया कि जांसी रेड्डी और विधायक यशस्विनी रेड्डी के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों पर शिकायत दर्ज की गई है। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से यह भी शिकायत दी गई है कि दोनों नेता पार्टी कैडर की अनदेखी कर रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। समिति को हरिप्रसाद और कृष्ण किशोर के खिलाफ भी शिकायतें (Complaints) प्राप्त हुई हैं। इन दोनों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने अपने जवाब और रिकॉर्ड सहित साक्ष्य समिति को सौंप दिए हैं।
पार्टी विरोधी गतिविधियों पर शिकायतों की जांच जारी
बैठक में जांसी रेड्डी ने भी अपने पास उपलब्ध जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। हालांकि विधायक यशस्विनी रेड्डी विदेश में होने के कारण बैठक में उपस्थित नहीं हो सकीं। समिति ने निर्देश दिया कि सभी पक्षों को सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी क्रम में जांसी रेड्डी को पुनः बुलाया गया है और विधायक के लौटने के बाद अगली सुनवाई तय की जाएगी। अनुशासन समिति ने कहा कि इस महीने की 30 तारीख को दोनों पक्षों को फिर से समिति के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया है। साथ ही जिला प्रभारी मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और वरिष्ठ नेताओं के साथ भी इस मामले पर चर्चा की जाएगी। समिति ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। पार्टी का लक्ष्य सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत करना है।
अनुशासन का क्या अर्थ है?
नियमों, मर्यादाओं और आदर्शों के अनुसार जीवन जीने की प्रवृत्ति को अनुशासन कहते हैं। यह शब्द संस्कृत के “अनु” और “शासन” से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है — नियम के अधीन रहना। समय पर काम करना, बड़ों का आदर करना, स्वयं पर नियंत्रण रखना और सामाजिक नियमों का पालन करना — ये सब अनुशासन के व्यावहारिक रूप हैं।
विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का क्या महत्व है?
छात्र जीवन में अनुशासन सफलता की नींव होता है। समय पर पढ़ाई, नियमित स्कूल जाना, शिक्षकों का सम्मान और परीक्षा की तैयारी — ये सब अनुशासन से ही संभव होते हैं। जो विद्यार्थी अनुशासित होते हैं, वे एकाग्रता से पढ़ते हैं और जीवन में आगे बढ़ते हैं। अनुशासनहीन विद्यार्थी प्रतिभाशाली होने के बावजूद अपना लक्ष्य नहीं पा सकता।
अनुशासन का महत्व क्या है?
व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय — हर स्तर पर अनुशासन अनिवार्य है। सेना, खेल, व्यापार और परिवार — हर क्षेत्र में अनुशासन से ही सफलता मिलती है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है, समय की बचत करता है और लक्ष्य प्राप्ति को आसान बनाता है। अनुशासित समाज में शांति, प्रगति और सद्भाव बना रहता है। महान व्यक्तियों की सफलता के पीछे उनका अनुशासित जीवन ही मुख्य कारण होता है।
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