हैदराबाद। तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक प्रवक्ता पीएल श्रीनिवास ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसे ‘महिला विरोधी’ बताया। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन नहीं किया। श्रीनिवास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाओं जैसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’ और ‘मुद्रा ऋण’ को महिलाओं (Women) के लिए बड़ा बदलाव लाने वाला बताया।
महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है पार्टी
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है और उनके अधिकारों व सम्मान की रक्षा करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना और देश की महिलाएं कांग्रेस को इसका जवाब देंगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि भाजपा महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार काम करती रहेगी।
महिला आरक्षण का 33% आरक्षण क्या है?
इस प्रावधान के तहत महिलाओं के लिए कुल सीटों में से 33% सीटें आरक्षित की जाती हैं, ताकि उनकी भागीदारी बढ़ सके। यह व्यवस्था पहले से पंचायत और नगर निकायों में लागू है। अब संसद और विधानसभाओं में भी इसे लागू करने का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है।
भारत में महिलाओं को कितना आरक्षण है?
देश में महिलाओं के लिए आरक्षण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग है। पंचायत और नगर निकायों में कम से कम 33% आरक्षण दिया गया है, जिसे कई राज्यों में बढ़ाकर 50% तक किया गया है। संसद और विधानसभाओं में भी 33% आरक्षण का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है, जो अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
महिला आरक्षण कब लागू होगा?
संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लागू होगा, लेकिन इसके लिए पहले जनगणना और परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही यह प्रावधान प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, इसलिए इसकी सटीक तारीख अभी तय नहीं है।
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