हैदराबाद। तेलंगाना कारागार विभाग ने चंचलगुडा स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन (Sika) में देश के अनोखे जेल संग्रहालय की शुरुआत की है, जहां आगंतुकों को जेल व्यवस्था और कैदियों के जीवन के विकास की दुर्लभ झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ ही तेलंगाना देश का पांचवां जेल संग्रहालय वाला राज्य बन गया है। इससे पहले अंडमान एवं निकोबार, अलीपुर (कोलकाता), बेंगलुरु और गोवा में ऐसे संग्रहालय (archive) स्थापित किए जा चुके हैं। इससे पहले संगारेड्डी में भी एक जेल संग्रहालय था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व वह ध्वस्त हो गया था। हाल ही में कारागार महानिदेशक सौम्या मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों एन. मुरली बाबू, डॉ. डी. श्रीनिवास, एम. संपत और एन. शिव कुमार गौड़ के सहयोग से इस अवधारणा को पुनर्जीवित और विस्तारित किया।
आधुनिक और सुव्यवस्थित संग्रहालय के रूप में किया गया विकसित
पुराने प्रदर्शनों को सावधानीपूर्वक स्थानांतरित कर आधुनिक और सुव्यवस्थित संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है। सौम्या मिश्रा के नेतृत्व में विकसित इस संग्रहालय में ऐतिहासिक जेल सामग्री, पुनर्निर्मित जेल कोठरियां, बेड़ियां, हथकड़ियां, जेल उद्योग, पुनर्वास पहल और जेल प्रशासन को दर्शाने वाली ऑडियो-विजुअल गैलरी प्रदर्शित की गई हैं। संग्रहालय में यह भी दिखाया गया है कि तेलंगाना कारागार विभाग किस तरह दंडात्मक व्यवस्था से सुधारात्मक और पुनर्वास आधारित संस्था में परिवर्तित हुआ है। जेल उद्योग, कृषि और कौशल विकास कार्यक्रमों से संबंधित प्रदर्शन कैदियों के सुधार और पुनर्वास पर विभाग के फोकस को दर्शाते हैं।
आगंतुकों को मिल सके जेल संचालन की वास्तविक समझ
ऑडियो और वीडियो कक्षों के माध्यम से मुलाकात प्रक्रिया, अदालत में पेशी और जेल की दैनिक गतिविधियों जैसी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिससे आगंतुकों को जेल संचालन की वास्तविक समझ मिल सके। संग्रहालय का प्रमुख आकर्षण “फील द जेल” अवधारणा के तहत “वन डे जेल एक्सपीरियंस” है, जिसमें आगंतुक जेल का भोजन, रहने की परिस्थितियां और दैनिक दिनचर्या का अनुभव कर सकेंगे। यह संग्रहालय 28 अप्रैल 2026 से आम जनता के लिए सिका, चंचलगुडा में खोला गया है।
संग्रहालय से आप क्या समझते हैं?
ऐसी जगह जहां ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और कलात्मक वस्तुओं को सुरक्षित रखकर लोगों के देखने के लिए प्रदर्शित किया जाता है, उसे ज्ञान और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां प्राचीन मूर्तियां, हथियार, चित्रकला, दस्तावेज और दुर्लभ वस्तुएं संरक्षित रहती हैं। विद्यार्थी, शोधकर्ता और पर्यटक इन स्थानों पर जाकर पुराने समय की जानकारी प्राप्त करते हैं। देश की संस्कृति और विरासत को सुरक्षित रखने में इन संस्थानों की बड़ी भूमिका होती है। कई स्थानों पर विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जुड़े विशेष प्रदर्शनों की भी व्यवस्था रहती है।
10 भारत का सबसे बड़ा संग्रहालय कौन सा है?
Indian Museum को देश का सबसे बड़ा और सबसे पुराना संग्रहालय माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1814 में हुई थी और यहां लाखों ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक वस्तुएं सुरक्षित रखी गई हैं। प्राचीन मूर्तियां, जीवाश्म, सिक्के, पेंटिंग और दुर्लभ पुरावशेष यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक इसे देखने आते हैं। भारतीय इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति को समझने के लिए यह स्थान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कई शोधकर्ता भी यहां अध्ययन के लिए पहुंचते हैं।
संग्रहालय को हिंदी में क्या कहते हैं?
हिंदी भाषा में इसे “अजायबघर” भी कहा जाता है। यह शब्द ऐसी जगह के लिए प्रयोग होता है जहां पुरानी, दुर्लभ और ऐतिहासिक वस्तुओं को सुरक्षित रखकर प्रदर्शित किया जाता है। पुराने समय में लोग इस शब्द का अधिक उपयोग करते थे, जबकि वर्तमान में “संग्रहालय” शब्द ज्यादा प्रचलित है। शिक्षा, इतिहास और संस्कृति की जानकारी देने में इन स्थानों की बड़ी भूमिका रहती है। कई विद्यालय और महाविद्यालय छात्रों को ऐतिहासिक जानकारी देने के लिए ऐसे स्थानों का भ्रमण भी कराते हैं।
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