हैदराबाद। मुख्य सचिव रामकृष्ण राव ने गुरुवार को जिले के कलेक्टर्स (Collectors) के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ”अराइव अलाइव” कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की। यह कार्यक्रम 99-दिन प्रजा पालना प्रगति प्रणाली के तहत एक प्रमुख पहल है। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार द्वारा कई सड़क सुरक्षा उपाय सक्रिय रूप से लागू किए जा रहे हैं, बावजूद इसके सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने इसके लिए तेज़ी से बढ़ती वाहनों की संख्या, बेहतर सड़क ढांचा और इससे उच्च गति, अपर्याप्त ड्राइवर प्रशिक्षण, ओवर-स्पीडिंग (Over-speeding) और लापरवाह ड्राइविंग को जिम्मेदार ठहराया। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार रचनात्मक उपाय विकसित करने का निर्देश दिया।
राज्य भर में 18 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा ”अराइव अलाइव” कार्यक्रम
उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति की तत्काल बैठकें बुलाकर सप्ताह भर चलने वाले ”अराइव अलाइव” कार्यक्रम की योजना बनाने और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी अनिवार्य होगी ताकि जनता तक संदेश प्रभावी रूप से पहुँच सके और समुदायिक सहभागिता सुनिश्चित हो। ”अराइव अलाइव” कार्यक्रम राज्य भर में 13 से 18 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता समन्वित प्रयासों, जनता की भागीदारी और लगातार जागरूकता अभियानों पर निर्भर करती है, और इसका अंतिम लक्ष्य जीवन बचाना और राज्य भर में सुरक्षित सड़कें सुनिश्चित करना है।
यह कोई सामान्य अभ्यास नहीं
डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि यह कोई सामान्य अभ्यास नहीं है, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वय से चलाया जाने वाला व्यापक प्रयास है। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों का आंकड़ा सड़क हादसों में सबसे अधिक है, और इसके लिए लक्षित जागरूकता अभियान जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन महीनों में सड़क सुरक्षा उपायों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
सड़क हादसों की घटना क्या है?
घटना उस स्थिति को कहा जाता है जब सड़क पर वाहन चलाते समय टक्कर, पलटना या किसी अन्य कारण से नुकसान या चोट लगती है। यह अक्सर तेज रफ्तार, लापरवाही, नशे में ड्राइविंग या ट्रैफिक नियमों का पालन न करने से होती है। सड़क हादसे में लोगों की जान-माल का नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे गंभीर समस्या माना जाता है और इससे बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है।
सड़क हादसे से बचने के लिए क्या आवश्यक है?
बचाव के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है। हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, तेज रफ्तार से बचें और नशे में वाहन न चलाएं। सड़क संकेतों को ध्यान से देखें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल ड्राइविंग के दौरान न करें। वाहन की नियमित जांच और सावधानीपूर्वक ड्राइविंग से दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।
5 प्रकार की दुर्घटनाएं कौन सी हैं?
प्रकारों में आमतौर पर आमने-सामने की टक्कर (Head-on collision), पीछे से टक्कर (Rear-end collision), साइड से टक्कर (Side collision), वाहन का पलटना (Rollover) और पैदल यात्री से दुर्घटना (Pedestrian accident) शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग परिस्थितियों में होती हैं और इनके कारण भी अलग होते हैं, जैसे तेज गति, ध्यान न देना या खराब सड़क स्थिति।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :