हैदराबाद । रविंद्र भारती, हैदराबाग में आयोजित महात्मा फुले (Mahatma Phule) द्विशताब्दी जयंती समारोह में तेलंगाना के डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखी टिप्पणी करते हुए सामाजिक न्याय, जातीय गणना और दक्षिणी राज्यों (Southern States) के अधिकारों पर विस्तार से अपनी बात रखी। डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि 2011 की जनगणना के आधार पर ही निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्विभाजन किया गया तो दक्षिणी राज्यों का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा।
जातीय गणना को नजरअंदाज कर पुनर्विभाजन हुआ तो गंभीर परिणाम
भट्टी ने चेतावनी दी कि जातीय गणना को नजरअंदाज कर पुनर्विभाजन किया गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे और इससे कमजोर वर्गों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य सामाजिक परिवर्तन के लिए केंद्र पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्रविड़ राज्यों को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। करों के बंटवारे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना से केंद्र को एक रुपया जाने पर केवल 37 पैसे वापस मिलते हैं, जबकि तमिलनाडु को 29 पैसे और केरल को 61 पैसे ही लौटाए जाते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को अधिक हिस्सा मिलने का उदाहरण भी उन्होंने दिया।

सरकार हर परिस्थिति में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध
भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि राज्य में फ्यूडल ताकतों के पुनर्गठन की कोशिश हो रही है और बहुजन समाज को एकजुट होकर जन सरकार को मजबूत बनाए रखना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार हर परिस्थिति में सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जातीय सर्वेक्षण कर यह पाया है कि तेलंगाना में 56 प्रतिशत आबादी पिछड़ा वर्ग (बीसी) की है। इसी आधार पर स्थानीय निकायों, शिक्षा और नौकरियों में 42 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया है, जो फिलहाल लंबित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इसे जल्द मंजूरी देगी।
2 जून से सरकारी स्कूलों में 20 लाख छात्रों के लिए नाश्ता योजना
डिप्टी सीएम ने कहा कि एससी-एसटी सब प्लान की तरह बीसी सब प्लान पर भी सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के अनुपात में संसाधनों का आवंटन ही एक समान और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का आधार बन सकता है। महात्मा फुले के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष कर समाज सुधार की मजबूत नींव रखी। महिलाओं की शिक्षा और समानता के लिए उनके प्रयास आज भी प्रेरणास्रोत हैं। डिप्टी सीएम ने घोषणा की कि 2 जून से सरकारी स्कूलों में 20 लाख छात्रों के लिए नाश्ता योजना शुरू की जाएगी। साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पब्लिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
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