Recruitment : विकसित भारत 2047 के लिए समयबद्ध भर्ती अहम – किशन रेड्डी

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 24, 2026 • 11:34 PM

सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में रोज़गार मेला आयोजित

हैदराबाद। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के तहत केंद्र सरकार 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी मंत्रालयों में ‘समयबद्ध भर्ती अभियान’ चला रही है। चंद्रायणगुट्टा स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में आयोजित 18वें रोज़गार मेला को संबोधित करते हुए किशन रेड्डी ने कहा कि 2022 में शुरू किए गए रोज़गार मेलों ने राज्यों में सरकारी भर्तियों को सुव्यवस्थित और तेज़ किया है। उन्होंने कहा कि नव-नियुक्त युवा राष्ट्र निर्माण (nation building) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निजी क्षेत्र में रोज़गार सृजन के लिए स्टार्टअप्स और नए निवेश को प्रोत्साहित कर रही है और भारत एक भरोसेमंद वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

भारत को एक विश्वसनीय देश के रूप में देखा जा रहा

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 213 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें 179 सीआरपीएफ, 16 आईटीबीपी, 5-5 एसएसबी और बीएसएफ, तथा आईआईटी-हैदराबाद, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईएफएलयू और शिक्षा मंत्रालय के पद शामिल हैं। इनमें 15 महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं।

किशन रेड्डी ने कहा, ‘वर्तमान वैश्विक तनावों के बीच भारत को एक विश्वसनीय देश के रूप में देखा जा रहा है और नए निवेश रोज़गार के नए अवसर पैदा करेंगे।’ इस अवसर पर सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें दक्षिण क्षेत्र के मेडिकल आईजी गणेश चंद्र पाड़ी, हैदराबाद केंद्र के डीआईजी उदय भास्कर बिल्ला और कमांडेंट मोहन दास कोब्रुगड़े शामिल थे, उपस्थित रहे। 18वां रोज़गार मेला देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। भारत के विभिन्न हिस्सों से चयनित 61,000 नव-नियुक्त अभ्यर्थी गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग सहित भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

2050 में भारत का भविष्य क्या होगा?

आकलनों के अनुसार भारत 2050 तक विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। जनसंख्या लाभ, तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार के दम पर विकास तेज़ होगा। शहरीकरण बढ़ेगा, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन पर निरंतर काम करना आवश्यक रहेगा।

विकसित देशों में भारत कितने नंबर पर है?

वर्तमान स्थिति में भारत को औपचारिक रूप से विकसित देश नहीं माना जाता। अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में यह विकासशील अर्थव्यवस्था की श्रेणी में आता है, हालांकि जीडीपी आकार के हिसाब से शीर्ष देशों में है। आय, मानव विकास और जीवन स्तर में अभी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।

विकसित भारत 2047 के उन लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए हमें क्या करने की आवश्यकता है?

रणनीतिक रूप से शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास, विनिर्माण, कृषि सुधार, तकनीकी नवाचार और सुशासन पर ज़ोर देना होगा। साथ ही सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और ईमानदार प्रशासन से ही समावेशी और टिकाऊ विकास संभव होगा।

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