समीक्षा बैठक में डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
हैदराबाद। डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी (B. Shivadhar Reddy) की अध्यक्षता में साइबराबाद सीपी कार्यालय के ऑडिटोरियम में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में साइबराबाद पुलिस के विभिन्न विभागों द्वारा साइबर क्राइम, ट्रैफिक व्यवस्था, अपराध स्थिति समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने ट्रैफिक सुरक्षा (Traffic Safety) को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की मौतों की संख्या अधिक होना चिंताजनक है।
व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश
इस संदर्भ में उन्होंने ”अराइव अलाइव” अभियान के तहत 13 से 18 अप्रैल तक सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ”पैदल यात्री ही सड़क के असली राजा हैं” के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद सड़क हादसों में उनकी जान जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। डीजीपी ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि 42 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग, जो अपने परिवारों के मुख्य सहारा होते हैं, सड़क दुर्घटनाओं में अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट में पड़ जाते हैं।
सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी
डीजीपी ने सभी वाहन चालकों को ”डिफेंसिव ड्राइविंग” अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि वाहन चलाते समय आसपास के हालात पर सतर्क नजर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और इसे जन-जागरूकता के माध्यम से मजबूत किया जाना चाहिए। बैठक में समाज में बढ़ते अपराध और साइबर क्राइम पर भी विस्तृत चर्चा की गई। डीजीपी ने कहा कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जिससे अपराधियों को पकड़ने और नुकसान की भरपाई की संभावना बढ़ जाती है।
क्षेत्र के विकास में पुलिस की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर साइबराबाद के पुलिस आयुक्त डॉ. एम. रमेश ने कहा कि साइबराबाद क्षेत्र में फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट और आईटी कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं। उन्होंने बताया कि साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट के गठन के 23 वर्ष पूर्ण होने पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में पुलिस की प्रतिबद्धता और जनता की सुरक्षा के प्रति समर्पण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्राइम्स डीसीपी मुथ्यम रेड्डी ने कमिश्नरेट क्षेत्र में दर्ज अपराधों की जानकारी देते हुए बताया कि हत्या, दुष्कर्म, चोरी, हमला, स्नैचिंग, ट्रैफिक उल्लंघन और साइबर अपराध के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता को जागरूक करने और अपराध नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
हाल के समय में साइबर अपराधों में तेजी आई
साइबर क्राइम्स डीसीपी टी. साई मनोहर ने बताया कि हाल के समय में साइबर अपराधों में तेजी आई है। विशेष रूप से पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड, ट्रेडिंग फ्रॉड, स्मिशिंग, विशिंग कॉल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में वृद्धि हुई है। ट्रैफिक डीसीपी रंजन रतन कुमार ने बताया कि ट्रैफिक प्रबंधन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि संक्रांति के दौरान आईटी कॉरिडोर में लगभग 26 लाख वाहन चले, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 22 लाख रहती है। त्योहारों के दौरान ट्रैफिक में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि होती है।
37 स्थानों पर वाहन गणना कैमरे लगाए गए
ट्रैफिक निगरानी के लिए 37 स्थानों पर वाहन गणना कैमरे लगाए गए हैं और कुल 169 जंक्शनों तथा 308 ट्रैफिक प्वाइंट्स पर निगरानी की जा रही है। बैठक में कुतुबुल्लापुर डीसीपी एन. कोटी रेड्डी, एडमिन डीसीपी टी. अन्नपूर्णा, शेरिलिंगमपल्ली डीसीपी सी.एच. श्रीनिवास, कुक्टपल्ली डीसीपी रितिराज, ट्रैफिक डीसीपी-2 एस. शेषाद्रि रेड्डी, स्पेशल ब्रांच डीसीपी वाई.वी.एस. सुधींद्र, सीएआर मुख्यालय डीसीपी संजीव सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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