Politics : जीएचएमसी का विभाजन असंवैधानिक- किशन रेड्डी

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 11, 2026 • 10:56 PM

निकाय चुनावों में धमकियों और दबाव का आरोप

हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) ने नगर निकाय चुनावों, मक्तल की घटना तथा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के विभाजन पर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मक्तल में भाजपा उम्मीदवार महादेवप्पा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना अत्यंत दुखद है। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने नगर निकाय चुनावों में हार के डर से धमकियों और दबाव की राजनीति की। इस घटना पर दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव से चर्चा कर विवरण लिया।

कांग्रेस ने राज्यभर में बूथ स्तर पर खुलेआम किया धन वितरण

किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्यभर में बूथ स्तर पर खुलेआम धन वितरण किया, यहां तक कि पुलिस की मौजूदगी में भी पैसे बांटे गए। कई शिकायतों के बावजूद राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीआरएस दोनों ही दल धनबल की राजनीति कर रहे हैं। जनता में कांग्रेस के प्रति असंतोष और बीआरएस के प्रति समर्थन की कमी स्पष्ट दिखी, जिसके चलते चुनावों को प्रभावित करने के लिए धन और दबाव का सहारा लिया गया। इसके बावजूद भाजपा को इन चुनावों में अच्छा जनसमर्थन मिला है।

तीन नगर निगमों में विभाजित करने के निर्णय को बताया असंवैधानिक

रेड्डी ने ग्रेटर हैदराबाद को तीन नगर निगमों में विभाजित करने के निर्णय को असंवैधानिक और अव्यवस्थित बताया। उन्होंने कहा कि बिना जनमत संग्रह और समुचित योजना के यह निर्णय लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेंसस निदेशालय के दिशा-निर्देशों के बावजूद, जिनमें 31 दिसंबर 2025 के बाद किसी प्रकार का प्रशासनिक पुनर्गठन न करने की बात कही गई थी, राज्य सरकार ने गजवेल, नलगोंडा और हैदराबाद में विभाजन कर नियमों का उल्लंघन किया। किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ‘आर-आर टैक्स’ के नाम पर अत्यधिक वसूली कर रही है। भूमि पंजीकरण, एनओसी और अन्य अनुमतियों के लिए भी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि जहां बेंगलुरु में 12 प्रतिशत वसूली होती है, वहीं तेलंगाना में 30 प्रतिशत तक वसूला जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव, राज्य महासचिव तूला वीरेंद्र गौड़, मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एन.वी. सुभाष, एसटी मोर्चा अध्यक्ष रवि नायक, वरिष्ठ नेता जी. वेंकट रेड्डी, सुनीता, रामकृष्ण सहित अन्य नेता उपस्थित थे।

ghmc का क्या अर्थ है?

यह संक्षेप Greater Hyderabad Municipal Corporation का है। यह हैदराबाद महानगर की स्थानीय शहरी निकाय संस्था है, जो शहर में सफाई, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी, भवन अनुमति और संपत्ति कर जैसे कार्यों का प्रबंधन करती है। महानगर के विकास और बुनियादी सुविधाओं को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी इसी संस्था पर होती है। शहर को कई वार्डों में बांटकर पार्षदों के माध्यम से प्रशासन चलाया जाता है।

जीएचएमसी और नगर पालिका में क्या अंतर है?

महानगर स्तर पर काम करने वाली संस्था को नगर निगम कहा जाता है, जबकि छोटे शहरों या कस्बों के लिए नगर पालिका बनाई जाती है। बड़े क्षेत्र, अधिक जनसंख्या और ज्यादा बजट होने के कारण महानगर निगम के अधिकार और जिम्मेदारियाँ अधिक होती हैं। नगर पालिका का कार्यक्षेत्र सीमित होता है। दोनों ही संस्थाएँ स्थानीय विकास, सफाई, सड़क और कर वसूली जैसे काम संभालती हैं।

FMCG में क्या-क्या आता है?

इस श्रेणी में रोजमर्रा में उपयोग होने वाले तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पाद शामिल होते हैं। जैसे साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, तेल, बिस्कुट, नमकीन, चाय, कॉफी, डिटर्जेंट, क्रीम और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ। इन वस्तुओं की मांग लगातार बनी रहती है और इनकी खपत तेजी से होती है। कम कीमत और बार-बार खरीदारी के कारण इन्हें फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स कहा जाता है।

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