तीन व्यक्तियों को जुर्माने के साथ जेल की सजा हुई
हैदराबाद। साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस (CTP) ने सप्ताहांत में विशेष शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रंक ड्राइविंग) की जांच अभियान चलाया, जिसमें 314 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। साइबराबाद (Cyberabad) पुलिस ने दोहराया कि शराब के प्रभाव में वाहन चलाना गंभीर अपराध है। यदि कोई व्यक्ति नशे में वाहन चलाकर दुर्घटना करता है और किसी की मौत हो जाती है, तो ऐसे व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (हत्या का दोष जो हत्या नहीं माना जाएगा) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
इस धारा के तहत अधिकतम 10 वर्षों की जेल और जुर्माना लगाया जा सकता है। पिछले सप्ताह में कुल 266 ड्रंक ड्राइविंग मामलों को न्यायालय में निपटाया गया, जिनमें 3 व्यक्तियों को जुर्माने के साथ जेल की सजा हुई। इसके साथ ही 19 व्यक्तियों को जुर्माना के साथ सामाजिक सेवा की सजा मिली। 244 व्यक्तियों को सिर्फ जुर्माना लगाया गया।
ट्रैफिक पुलिस की सैलरी कितनी होती है?
आमतौर पर ट्रैफिक पुलिस की सैलरी उनके पद और राज्य के वेतनमान पर निर्भर करती है। ट्रैफिक कांस्टेबल को लगभग ₹25,000 से ₹35,000 प्रति माह वेतन मिलता है। हेड कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की सैलरी ₹40,000 से ₹55,000 तक हो सकती है। इसमें ड्यूटी भत्ता, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाएं भी शामिल रहती हैं।
1 दिन में कितनी बार चालान हो सकता है?
नियम के अनुसार एक ही गलती पर एक दिन में बार-बार चालान नहीं किया जा सकता। हालांकि यदि अलग-अलग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया जाए, जैसे हेलमेट न पहनना, रेड लाइट जंप करना और ओवरस्पीडिंग, तो एक ही दिन में कई चालान कट सकते हैं। हर उल्लंघन को अलग अपराध माना जाता है, इसलिए चालान की संख्या गलती पर निर्भर करती है।
क्या ट्रैफिक पुलिस पुलिस जैसी ही होती है?
प्रशासनिक रूप से ट्रैफिक पुलिस भी पुलिस विभाग का ही हिस्सा होती है। इन्हें वही वर्दी, अधिकार और प्रशिक्षण मिलता है, लेकिन इनका मुख्य कार्य सड़क यातायात नियंत्रित करना, चालान काटना और दुर्घटनाएं रोकना होता है। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में सामान्य पुलिस की सहायता करती है।
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