CM : अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में फैक्ट्री मौजूदगी नहीं रहेगी – रेवंत

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 19, 2026 • 7:37 AM

सीएम ने मुंबई में मुम्बई क्लाइमेट वीक 2026 में भाग लिया

हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने कहा कि हैदराबाद 2034 तक नेट जीरो उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखता है और जल्द ही पूरे शहर में कार्बन फुटप्रिंट ऑडिट किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में लगभग कोई औद्योगिक या फैक्ट्री मौजूदगी नहीं रहेगी। मुंबई में बुधवार को आयोजित मुम्बई क्लाइमेट वीक 2026 (Mumbai Climate Week 2026) में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न सतत विकास पहलों का उल्लेख किया, जिनमें मूसी नदी का पुनर्जीवन, झीलों का संरक्षण, जल और ऊर्जा अवसंरचना में सुधार और भारत के पहले समर्पित पर्यावरण पुलिस बल ‘हाइड्रा’ का निर्माण शामिल है।

ऑटो रिक्शा को हरित विकल्पों में किया जा रहा परिवर्तित

उन्होंने कहा, ‘हैदराबाद में इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे ईवी अपनाने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के साथ स्थानीय उत्पादन निवेश पर भी चर्चा चल रही है। 2,00,000 से अधिक ऑटो रिक्शा को हरित विकल्पों में परिवर्तित किया जा रहा है। आरटीसी बसों के बेड़े में 3,500 से अधिक बसों को इलेक्ट्रिक मॉडल से बदलने का कार्य जारी है। इसके अलावा हैदराबाद मेट्रो का विस्तार 71 किलोमीटर से बढ़ाकर 200 किलोमीटर से अधिक किया जाएगा। उद्योगों को धीरे-धीरे शहरी केंद्र से उपशहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था की असली मुद्रा ऊर्जा है और विकास को ऊर्जा उत्पादन और खपत से मापा जाता है।

34,000 मेगावाट से अधिक पहुंचने की संभावना

‘तेलंगाना वर्तमान में औसतन 16,610 मेगावाट प्रति दिन ऊर्जा का उपभोग करता है। पिछले वर्ष अधिकतम मांग 17,162 मेगावाट दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष 19,000 मेगावाट से अधिक होने की उम्मीद है और 2034 तक यह 34,000 मेगावाट से अधिक पहुंचने की संभावना है। राज्य की लगभग एक चौथाई ऊर्जा, लगभग 24.8% या 25%, हरित ऊर्जा से आती है।’ उन्होंने तेलंगाना की महत्वाकांक्षा दोहराई कि राज्य की 200 अरब डॉलर जीडीपी को 2034 तक एक ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना है। उन्होंने भविष्य के स्तंभों के रूप में अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, शिक्षा और कौशल, ऊर्जा, रोजगार, उद्यमिता और समृद्धि सृजन के अवसरों को बताया।

हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?

2011 की जनगणना के अनुसार शहर की कुल आबादी में लगभग 43–44 प्रतिशत लोग मुस्लिम समुदाय से हैं। यह प्रतिशत पुराने शहर क्षेत्रों में अधिक है। हैदराबाद अपनी सांस्कृतिक विविधता और गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता है, जहाँ हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदाय सदियों से साथ रहते आए हैं। जनसंख्या के आंकड़े नई जनगणना के बाद बदल सकते हैं।

हैदराबाद किस राज्य में है?

भारत के तेलंगाना राज्य की राजधानी है। वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद यह तेलंगाना की आधिकारिक राजधानी बनी। यह शहर दक्षिण भारत का एक प्रमुख आईटी, औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र है। ऐतिहासिक रूप से यह निज़ाम शासन का मुख्यालय रहा और आज भी प्रशासनिक तथा आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

हैदराबाद की फेमस क्या है?

अपनी हैदराबादी बिरयानी, चारमीनार, मोतियों के आभूषण और आईटी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। चारमीनार यहाँ का प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक है। इसके अलावा सालारजंग संग्रहालय, गोलकोंडा किला और लाड बाज़ार भी आकर्षण के केंद्र हैं। पारंपरिक व्यंजन और आधुनिक तकनीकी विकास का अनोखा संगम इस शहर की विशेष पहचान है।

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