Telangana : महिलाओं के विकास के लिए पारिवारिक सहयोग जरूरी – पुंजाला

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 16, 2026 • 11:36 PM

हैदराबाद। तेलंगाना संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष अलेख्या पुंजाला (Alekhya Punjala) ने कहा कि समाज में महिलाओं की प्रगति परिवार के सदस्यों के सहयोग पर निर्भर करती है। उत्तर अमेरिका के मुननूरू कापू एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (North America) की बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना सामाजिक परिवर्तन और विकास की कुंजी है। उन्होंने कहा कि परिवार का समर्थन महिलाओं की उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक है, हालांकि महिलाओं को पारिवारिक दायित्वों और पेशेवर आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।

समुदाय को एक मंच पर किया संगठित

एमएएनए के अध्यक्ष राम मुदिचिंतला ने बताया कि उनका संगठन एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य मुननूरू कापू समुदाय को सशक्त बनाना और शिक्षा को बढ़ावा देना है। संगठन वैवाहिक सेवाएं, आव्रजन संबंधी मार्गदर्शन तथा अमेरिका में छात्रों की समस्याओं के समाधान में भी सहायता करता है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में संगठन ने 30 से अधिक बैठकें आयोजित कर समुदाय को एक मंच पर संगठित किया है। बैठक में पूर्व अध्यक्ष रमेश मगंती, राष्ट्रीय कार्यक्रम समन्वयक अनिल मुदिचिंतला, मुख्य समन्वयक सुंकारी राममूर्ति और वरिष्ठ सर्जन डॉ. पी. विनय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार कौन देता है?

यह सम्मान संगीत नाटक अकादमी द्वारा प्रदान किया जाता है। यह संस्था भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है और संगीत, नृत्य तथा नाटक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करती है। पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और नकद राशि दी जाती है। यह देश के प्रमुख सांस्कृतिक सम्मानों में से एक माना जाता है।

संगीत नाटक अकादमी का मुख्यालय कहाँ है?

इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यहाँ से देशभर में संगीत, नृत्य और रंगमंच से जुड़ी गतिविधियों का संचालन और समन्वय किया जाता है। अकादमी विभिन्न समारोह, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ और सम्मान कार्यक्रम आयोजित करती है। यह भारतीय शास्त्रीय और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार कितने लोगों को मिला?

इस प्रतिष्ठित सम्मान की शुरुआत वर्ष 1952 में हुई थी और तब से अब तक विभिन्न विधाओं में एक हजार से अधिक कलाकारों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों से चयनित कलाकारों को सम्मानित किया जाता है। समय-समय पर प्रदान की गई कुल संख्या में परिवर्तन होता रहता है, क्योंकि यह सम्मान निरंतर दिया जाता है।

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