हैदराबाद। डीम्ड यूनिवर्सिटी जीआईटीएएम (GITAM) अपने हैदराबाद परिसर में 1 से 3 जून तक भौतिकी शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय आवासीय व्यावसायिक विकास कार्यक्रम (आरपीडीपी) का आयोजन करेगी, जिसका फोकस ‘उन्नत अवधारणाओं, शिक्षण विधियों और शैक्षिक उपकरणों’ पर होगा। यह कार्यक्रम जीआईटीएएम स्कूल ऑफ साइंस के भौतिकी विभाग द्वारा भारतीय भौतिकी संघ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जीआईटीएएम के स्कूल ऑफ एजुकेशन की शैक्षणिक भागीदारी भी शामिल है। इस पहल का उद्देश्य नवीन शिक्षण पद्धतियों, वैचारिक अधिगम, प्रायोगिक प्रदर्शनों, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ITC) आधारित शिक्षण उपकरणों, सिमुलेशन, स्वयं निर्मित भौतिकी किटों और मूल्यांकन तकनीकों के माध्यम से विद्यालय और स्नातक स्तर पर भौतिकी शिक्षा को मजबूत करना है।
भौतिक विज्ञान और विज्ञान शिक्षकों के लिए खुला है यह कार्यक्रम
प्रमुख संस्थानों के प्रख्यात शिक्षाविद और वैज्ञानिक, जिनमें जीआईटीएएम के विज्ञान विभाग के डीन प्रो. एस. अनंत रामकृष्ण; विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर प्रो. बीवीआर टाटा और प्रो. टीएस नटराजन (आईआईटी मद्रास के पूर्व प्रोफेसर); प्रो. विभोर सिंह (भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु); प्रो. जी. रवि कुमार (विशिष्ट प्रोफेसर, जीआईटीएएम); प्रो. जी.ए. रामाराव (बीएआरसी के पूर्व वैज्ञानिक अधिकारी); प्रो. वनजा (मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में शिक्षा की प्रोफेसर); और मुंबई के टीआईएफआर स्थित होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र से प्रो. दीपा चारी शामिल हैं। यह कार्यक्रम विद्यालय स्तर के भौतिक विज्ञान और विज्ञान शिक्षकों के लिए खुला है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस क्यों मनाया जाता है?
भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों को सम्मान देने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1998 में राजस्थान के पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किए गए थे, जिसके बाद देश ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इसी सफलता की याद में हर साल यह दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के योगदान को सराहा जाता है। नई तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
11 मई को कौन सा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है?
हर वर्ष 11 मई को भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की वैज्ञानिक प्रगति और तकनीकी उपलब्धियों के सम्मान में विशेष महत्व रखता है। वर्ष 1998 में इसी तारीख को पोखरण परमाणु परीक्षण सफलतापूर्वक किए गए थे। इसके अलावा इसी दिन भारत ने स्वदेशी तकनीक से विकसित कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी हासिल की थीं। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम और समारोह आयोजित किए जाते हैं।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 6 जनवरी को है या 11 मई को?
आधिकारिक रूप से यह दिवस हर साल 11 मई को मनाया जाता है। 6 जनवरी को इस नाम से कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं मनाया जाता। वर्ष 1998 में इसी दिन भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया के सामने अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद से यह तारीख विज्ञान और तकनीकी विकास के प्रतीक के रूप में विशेष महत्व रखने लगी। देशभर में इस अवसर पर विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और वैज्ञानिकों के योगदान को सम्मान दिया जाता है।
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