CM : राज्य का राजस्व बढ़ाने में सहयोग करें सरकारी कर्मचारी – रेवंत रेड्डी

By Ajay Kumar Shukla | Updated: March 6, 2026 • 9:53 PM

कर्मचारी सरकार की ‘आंख, कान और ब्रांड एंबेसडर’

हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (A. Revanth Reddy) ने सरकारी कर्मचारियों से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और बढ़ती वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। शुक्रवार को तेलंगाना मडिगा कर्मचारी ‘थैंक्यू गिविंग’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वित्तीय संसाधनों की बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे अनियमितताओं पर रोक लगाएं और राजस्व बढ़ाने में सहयोग करें।

उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित बिलों के भुगतान के लिए सरकार हर महीने एक हजार करोड़ रुपये जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि करीब एक हजार कर्मचारियों (one thousand employees) के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रशासन को समन्वय के साथ चलाने में कर्मचारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

कर्मचारियों को सरकार की ‘आंख, कान और ब्रांड एंबेसडर’

सीएम ने कहा कि यदि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाकर सरकारी खजाने में राजस्व बढ़ाया जाए तो कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। उन्होंने कर्मचारियों को सरकार की ‘आंख, कान और ब्रांड एंबेसडर’ बताते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भूमिका से ही योजनाएं लोगों तक पहुंच सकती हैं।

उन्होंने बताया कि गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 99 दिवसीय कार्य योजना लागू की गई है। इसके तहत जरूरतमंदों को राशन कार्ड, बारीक चावल, इंदिरम्मा आवास और मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। रेवंत रेड्डी ने कहा कि पिछली बीआरएस सरकार ने पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जाति समुदायों के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार दलितों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और आईएएस अधिकारी बनाने के लिए प्रयासरत है।

विधानसभा में कानून बनाकर एससी उप-वर्गीकरण किया लागू

मुख्यमंत्री ने मडिगा समुदाय द्वारा अनुसूचित जाति वर्गीकरण के लिए किए गए लंबे संघर्ष की सराहना की और कहा कि इस मांग को पूरा करने के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एससी वर्गीकरण पर चर्चा के दौरान वे स्वयं अन्य एससी विधायकों के साथ निलंबित भी हुए थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कैबिनेट के सहयोग से विधानसभा में कानून बनाकर एससी उप-वर्गीकरण लागू किया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे लागू करने वाला तेलंगाना पहला राज्य बना।

कहा कि सरकार गरीबों को जमीन वितरित करने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन भूमि की कमी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि अतीत में बड़े जमींदारों के पास हजारों एकड़ जमीन थी और अब सरकार असाइन की गई जमीनों को वापस लेने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सबसे बड़ा माध्यम है और सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठा रही है।

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