हैदराबाद । साइबराबाद (Cyberabad) पुलिस की ‘फुट पेट्रोलिंग से भरोसा बढ़ा है। विजिबल पुलिसिंग के तहत साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में फुट पेट्रोलिंग को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। केवल पेट्रोलिंग (Patrolling) वाहनों की गश्त तक सीमित न रहकर अब पुलिसकर्मी सीधे जनता के बीच पैदल जाकर ‘हम मौजूद हैं’ का भरोसा दिला रहे हैं।
तंग गलियों में पैदल घूमते हुए हालात का जायजा ले रहे हैं पुलिसकर्मी
साइबराबाद पुलिस पेट्रोल कारों और ब्लू कोल्ट्स के पुलिसकर्मी अपने वाहनों को एक स्थान पर खड़ा कर बाजारों, मुख्य सड़कों, बस स्टैंडों, आवासीय कॉलोनियों और तंग गलियों में पैदल घूमते हुए हालात का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान वे लोगों से सीधे बातचीत कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस फुट पेट्रोलिंग का उद्देश्य लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ाना, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर उनकी जांच करना है। इसके चलते जहां आम नागरिकों में रात के समय सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं अपराधियों में भय का माहौल भी बन रहा है।
सीधे संवाद के जरिए कम्युनिटी पुलिसिंग को भी मजबूती
पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोगों से सीधे संवाद के जरिए कम्युनिटी पुलिसिंग को भी मजबूती मिल रही है और अपराध नियंत्रण में मदद मिल रही है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह पैदल गश्त लगातार जारी रहेगी। फुट पेट्रोलिंग के प्रमुख फायदों में ब्लू कोल्ट्स और पेट्रोलिंग स्टाफ वाहन छोड़कर बाजारों, बस स्टैंडों और आवासीय क्षेत्रों में पैदल गश्त कर रहे हैं। तंग गलियों में भी पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लग रहा है।
जनता से नजदीकी बढ़ने के पुलिस को फायदा
रात में काम करने वाले मजदूरों और व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक पैदल गश्त से स्थानीय परिस्थितियों की बेहतर समझ विकसित हो रही है और जनता से नजदीकी बढ़ने के कारण महत्वपूर्ण जानकारी भी जल्दी मिल रही है। अधिकारियों ने कहा कि जनता की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।
दुंडीगल इंस्पेक्टर पी. सतीश ने बताया कि वाहन से गश्त के दौरान कई बार केवल सतही निगरानी ही हो पाती है, लेकिन पैदल चलने से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकता है। इससे लोगों का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि अपराधों को पहले ही रोकने और जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए पैदल गश्त लगातार जारी रखी जाएगी।
आम लोगों की सुरक्षा के लिए खड़े रहने का एहसास
एसआई राममोहन ने कहा कि केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए खड़े रहने का एहसास भी पुलिसकर्मियों को पेशेवर संतोष देता है। उनके अनुसार, लोगों के बीच रहने से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी तुरंत मिल जाती है, जो अपराध रोकने में मददगार है। पीसी एस. राजू ने बताया कि रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने से रात में आने वाली नींद भी दूर हो जाती है और सतर्कता बढ़ती है। पीसी के. साई कुमार के अनुसार फुट पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस उन गलियों तक भी पहुंच पा रही है जहां वाहन नहीं जा सकते। इससे घरों के ताले, छिपे हुए संदिग्ध व्यक्ति या अन्य छोटी-छोटी बातों पर भी नजर रखना आसान हो गया है। वहीं पीसी वाई. चिरंजीवी ने कहा कि जब पुलिस पैदल चलकर लोगों के बीच जाती है तो लोग खुद आगे आकर बातचीत करते हैं।
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