Hyderabad : आविष्कार और निवेश का वैश्विक केंद्र बन रहा है हैदराबाद – श्रीधर बाबू

By Ajay Kumar Shukla | Updated: March 13, 2026 • 7:16 PM

हैदराबाद । राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू (Sridhar Babu) ने कहा कि विश्वस्तरीय (World-Class) आधारभूत सुविधाओं के साथ हैदराबाद को नवाचार और निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ औषधि, रक्षा तथा विमानन उद्योगों के लिए भी शहर महत्वपूर्ण मंच बनता जा रहा है।

जर्मनी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात की

मंत्री से सचिवालय में जर्मनी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स देशों में औद्योगिक विकास, निवेश के अनुकूल वातावरण और आधुनिक तकनीकों के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए भारत आया है। प्रतिनिधिमंडल में अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था ग्लोबल ब्रिजेस के सदस्य भी शामिल थे। बैठक के दौरान मंत्री ने तेलंगाना में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सरकार द्वारा दी जा रही प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी।

उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था

श्रीधर बाबू ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप चुनौतियों का सामना करने के लिए तेलंगाना सरकार देश में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उद्योगों को निर्बाध बिजली और पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सरकारों के परिवर्तन के बावजूद राज्य में स्थिर और अनुकूल औद्योगिक नीतियां जारी रखी जा रही हैं, जिससे निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण मिलता है। मंत्री ने कहा कि भौगोलिक रूप से भारत के मध्य में स्थित हैदराबाद वर्षभर सुहावने मौसम और विविध संस्कृतियों के संगम वाली महानगरीय जीवनशैली के कारण दुनिया भर से आने वालों को अपनापन का अनुभव कराता है

उद्योगों को विशेषज्ञों की कमी नहीं होगी

उन्होंने बताया कि शहर के दक्षिणी भाग में महत्वाकांक्षी फ्यूचर सिटी परियोजना तेजी से आकार ले रही है। इसके अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता नगर, शून्य कार्बन उत्सर्जन नगर और यंग इंडिया कौशल विश्वविद्यालय जैसे उपक्रम स्थापित किए जा रहे हैं, जो राज्य के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे। राज्य में प्रचुर मानव संसाधन और प्रतिभा उपलब्ध होने से उद्योगों को विशेषज्ञों की कमी नहीं होगी।

तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक, वर्ष 2047 तक, तेलंगाना को तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में जर्मन प्रतिनिधिमंडल के सदस्य डॉ. स्टेफान ट्रेगर, डॉ. क्रिस्टियन आल्टेन होफेन, फ्रैंक बीयर होस्ट, अलेक्जेंडर वॉन क्राम, माल्टे होह फील्ड, फिलिप मेयर होफर और मैक्स मिलन वॉन लेयर सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। राज्य उद्योग विभाग के निदेशक निखिल चक्रवर्ती भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

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