हैदराबाद। तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि हैदराबाद तेजी से उन्नत अभियांत्रिकी का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की अग्रणी डिजिटल विनिर्माण कंपनी प्रोटोलैब्स भारत में अपने विस्तार के तहत हैदराबाद में अपना वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करेगी। गुरुवार को सचिवालय में प्रोटोलैब्स के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर भारत में प्रवेश की रणनीति और हैदराबाद में केंद्र स्थापित करने की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि मजबूत अभियांत्रिकी प्रतिभा, सुदृढ़ डिजिटल तंत्र, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और बढ़ते विनिर्माण आधार के कारण हैदराबाद (Hyderabad) विश्व के पसंदीदा केंद्रों में शामिल हो गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी इसी माह से अपने कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रही है और निकट भविष्य में 200 से 300 कर्मचारियों तक विस्तार किया जाएगा, जिसमें अभियांत्रिकी क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
नवाचार आधारित विकास में हैदराबाद की पहचान को और सुदृढ़ करेगा यह निवेश
प्रस्तावित केंद्र उन्नत अभियांत्रिकी, डिजिटल विनिर्माण तकनीकों और उत्पाद विकास पर केंद्रित होगा, जिससे हैदराबाद की उच्च मूल्य विनिर्माण और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों में भूमिका और मजबूत होगी। श्रीधर बाबू ने कहा कि यह निवेश शहर की उन्नत अभियांत्रिकी और डिजिटल विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाएगा तथा नवाचार आधारित विकास में हैदराबाद की पहचान को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय नवाचार तंत्र को भी मजबूती मिलेगी और नव उद्यमों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा उद्योगों को उत्पाद विकास में तेजी लाने में सहायता मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि हैदराबाद एक ऐसा शहर बनता जा रहा है, जहां सॉफ्टवेयर, अभियांत्रिकी और विनिर्माण का समन्वय हो रहा है। इस प्रकार के निवेश से उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाने और रोजगार सृजन के साथ नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार साईकृष्ण भी उपस्थित रहे।
वैश्विक शिक्षा का केंद्र कहाँ स्थित है?
विश्व स्तर पर शिक्षा के कई प्रमुख केंद्र अलग-अलग देशों में स्थित हैं, इसलिए कोई एक स्थान निश्चित नहीं है। उदाहरण के रूप में ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज जैसे शहर उच्च शिक्षा के वैश्विक केंद्र माने जाते हैं। भारत में भी कई बड़े विश्वविद्यालय और संस्थान शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
भारत में कितने वैश्विक क्षमता केंद्र हैं?
भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centers – GCC) की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में देश में 1500 से अधिक ऐसे केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें आईटी, वित्त, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े कार्य होते हैं। ये केंद्र बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा स्थापित किए जाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था व रोजगार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वैश्विक केंद्र क्या है?
वैश्विक केंद्र वह स्थान या संस्थान होता है जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित होती हैं। यह शिक्षा, व्यापार, तकनीक या अनुसंधान से जुड़ा हो सकता है। ऐसे केंद्रों में विभिन्न देशों के लोग काम करते हैं और वैश्विक स्तर पर सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे ज्ञान, तकनीक और संसाधनों का आदान-प्रदान होता है।
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