अनुसंधान पहलों का समर्थन करेगी यूनिवर्सिटी
हैदराबाद। 12 वर्षों के अंतराल के बाद, प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (PJTSAU) ने बुधवार को अमेरिका के कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ अपने समझौता ज्ञापन (MOU) को नवीनीकृत किया। नए समझौते के तहत, कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी (PJTSAU) के नए स्थापित डिजिटल कृषि केंद्र और प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण केंद्र में अनुसंधान पहलों का समर्थन करेगी। सहयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास पर भी केंद्रित होगा।
तीन से छह महीने तक के प्रशिक्षण कार्यक्रम पेश करेगी यूनिवर्सिटी
कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी पीजेटीएसएयू के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के साथ-साथ वैज्ञानिकों के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में तीन से छह महीने तक के प्रशिक्षण कार्यक्रम पेश करेगी। छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को उन्नत कृषि पद्धतियों और उभरती कृषि-प्रौद्योगिकियों में विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। पीजेटीएसएयू के कुलपति प्रोफेसर अलदास जनैया ने दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी पर प्रकाश डाला, जो 1964 में विश्वविद्यालय की पहली स्थापना के समय शुरू हुई थी।
पीएचडी के अवसर
उन्होंने कहा कि कैनसस स्टेट Univercity ने मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें 17 प्रोफेसरों के लिए पीएचडी के अवसर उपलब्ध कराना भी शामिल है। इस कार्यक्रम में कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी फसल अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी वरप्रसाद और पीजेटीएसएयू के रजिस्ट्रार डॉ जीई सीएच विद्यासागर भी उपस्थित थे।