हैदराबाद । सीआईडी (CID) की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चारु सिन्हा ने कहा कि आपराधिक मामलों तथा दीवानी विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने (Disposed) के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत एक उत्कृष्ट मंच के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को राज्यभर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड स्तर पर 1,44,251 मामलों का निपटारा हुआ, जो उल्लेखनीय है।
इस बार 37.14 प्रतिशत अधिक मामलों का निपटारा
उन्होंने बताया कि तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार यह लोक अदालत पहले 14 मार्च को आयोजित होनी थी, जिसे पुनर्निर्धारित कर 28 मार्च को आयोजित किया गया। इस अवसर का जनता द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किए जाने के कारण, पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित लोक अदालत की तुलना में इस बार 37.14 प्रतिशत अधिक मामलों का निपटारा हुआ, अर्थात लगभग 39,069 अतिरिक्त मामलों का समाधान किया गया। चारु सिन्हा ने बताया कि इस बार लोक अदालत में केवल सामान्य मामलों पर ही नहीं, बल्कि साइबर अपराध के पीड़ितों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। कुल 4,635 साइबर अपराध मामलों का निपटारा कर पीड़ितों को लगभग 24.95 करोड़ की राशि वापस दिलाई गई, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
हैदराबाद इकाई 15,719 मामलों के निपटारे के साथ प्रथम स्थान
इसके अतिरिक्त 21,388 सुलझने योग्य एफआईआर मामले, 57,343 ई-पेटी मामले, 60,094 मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघन से संबंधित मामले तथा 791 आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस अभियान में हैदराबाद इकाई 15,719 मामलों के निपटारे के साथ प्रथम स्थान पर रही, जबकि इसके बाद मल्काजगिरी, सिद्धिपेट, रामागुंडम और नलगोंडा जिले क्रमशः अगले स्थानों पर रहे। अतिरिक्त डीजीपी ने बताया कि लोक अदालत की सफलता के लिए पुलिस तंत्र ने 19 मार्च से ही तैयारी शुरू कर दी थी, जिसमें योग्य मामलों की पहचान कर दोनों पक्षों को नोटिस जारी किए गए।
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