मेदक। श्रम, रोजगार और खनन मंत्री डॉ. जी. विवेक वेंकटस्वामी (Vivek Venkataswamy) ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की 99-दिवसीय कार्य योजना के तहत ‘प्रजा पालन’ कार्यक्रम को संयुक्त मेदक जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। शुक्रवार को मेडक के एकीकृत कलेक्टरेट कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि जिले को राज्य में इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रथम स्थान हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 30 से 40 दिनों के भीतर एक और समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में मेडक, संगारेड्डी और सिद्धिपेट जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्रिय बनाने और जनता को बेहतर सेवाएं (Better services) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 99-दिवसीय कार्य योजना तैयार की है।
प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने के निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को इंदिरम्मा आवास योजना, पेयजल आपूर्ति, शैक्षणिक अवसंरचना विकास और सोलर लाइटिंग जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने के निर्देश दिए। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों से एटीसी निर्माण, सब-स्टेशन की स्थापना और पर्यटन विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिले में जल्द ही स्टेडियम निर्माण कार्य भी शुरू होगा। डॉ. विवेक वेंकटस्वामी ने अधिकारियों को सिंगूर परियोजना में गाद हटाने का कार्य तेज करने के निर्देश दिए ताकि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान करने को भी कहा। उन्होंने अमृत योजना के तहत विकास कार्यों को गति देने और इन योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
वर्तमान में श्रम एवं रोजगार मंत्री कौन हैं?
भारत सरकार में श्रम और रोजगार मंत्रालय की जिम्मेदारी वर्तमान में मनसुख मांडविया के पास है। वे देश के श्रमिकों के हितों की रक्षा, रोजगार से जुड़ी नीतियों और श्रम सुधारों को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं। इससे पहले यह पद भूपेंद्र यादव के पास था। श्रम मंत्री का मुख्य कार्य कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और श्रमिक कल्याण से संबंधित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होता है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय क्या है?
श्रम और रोजगार मंत्रालय भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण मंत्रालय है जो देश के श्रमिकों, कर्मचारियों और रोजगार से जुड़े मामलों की देखरेख करता है। यह मंत्रालय मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, कार्यस्थल की सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने से संबंधित नीतियां बनाता है। इसके माध्यम से सरकार श्रमिकों के कल्याण, कौशल विकास और श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने का प्रयास करती है।
4 नए श्रम कानून क्या हैं?
भारत सरकार ने श्रम कानूनों को सरल बनाने के लिए कई पुराने कानूनों को मिलाकर चार नए श्रम संहिता लागू की हैं। इनमें वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 शामिल हैं। इनका उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना, श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा देना और उद्योगों में कामकाज की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
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