हैदराबाद। तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी (N. Uttam Kumar Reddy) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रबी (यासंगी) 2025-26 धान खरीद सीजन में सभी प्रक्रियाएं सुचारु रूप से संचालित की जाएं और प्रत्येक किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाए। गुरुवार को मंत्री ने संयुक्त नलगोंडा और खम्मम जिलों में विभिन्न धान खरीद केंद्रों और राइस मिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार हर किसान से धान का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदेगी, चाहे फसल असमय बारिश से प्रभावित ही क्यों न हुई हो।
धान खरीद कार्यों का लिया जायजा
कनागल मंडल के चेतला चेन्नाराम खरीद केंद्र पर निरीक्षण के दौरान मंत्री ने धान खरीद कार्यों का जायजा लिया और पश्चिम बंगाल से आए हमालियों से बातचीत की। उन्होंने उनके योगदान की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी हमालियों के लिए बेहतर सुविधाएं और आवश्यक कल्याणकारी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके बाद मंत्री ने बालाजी राइस मिल का निरीक्षण कर धान मिलिंग प्रक्रिया और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा की। खम्मम जिले के नायकंगुडेम धान खरीद केंद्र का भी दौरा कर उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि धान खरीद एवं परिवहन कार्यों को और तेज किया जाएगा।
लॉरियों एवं डीसीएम वाहनों का किया जाए पूर्ण उपयोग
मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने सभी धान उत्पादक जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिया कि परिवहन के लिए उपलब्ध सभी लॉरियों एवं डीसीएम वाहनों का पूर्ण उपयोग किया जाए तथा पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ समन्वय बनाकर निर्बाध लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर रेत परिवहन एवं अन्य गैर-प्राथमिक कार्यों में लगे वाहनों को भी अधिग्रहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमेंट फैक्टरी प्रबंधन से भी अपील की कि वे किसानों की सुविधा के लिए अपने वाहनों को धान परिवहन हेतु उपलब्ध कराएं। मंत्री ने कहा कि जब तक अंतिम दाना नहीं खरीदा जाता, तब तक खरीद प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
कलेक्टरों के साथ विशेष समीक्षा बैठक
इस अवसर पर सड़क एवं भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, अनुसूचित जाति विकास, जनजातीय कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अडलुरी लक्ष्मण कुमार तथा विधान परिषद अध्यक्ष गुट्टा सुकेंद्र रेड्डी उपस्थित रहे। नलगोंडा कलेक्ट्रेट में नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र की उपस्थिति में नलगोंडा, सूर्यापेट और यादाद्री भुवनगिरि जिलों के कलेक्टरों के साथ विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। खम्मम जिले में राजस्व, आवास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने भी धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा खम्मम एवं भद्राद्री कोठागुडेम जिलों के विधायकों, एमएलसी एवं कलेक्टरों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर खरीद प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने पर चर्चा की गई।
2025-26 में धान का रेट क्या है?
धान का रेट किस्म, गुणवत्ता और मंडी के अनुसार अलग-अलग रहता है। सामान्य धान के लिए सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। 2025-26 में सामान्य धान का MSP लगभग 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहता है। अच्छी क्वालिटी या बासमती धान का भाव इससे काफी अधिक हो सकता है। मंडी में मांग और आपूर्ति के आधार पर रोजाना भाव बदलते रहते हैं। किसानों को सही दाम दिलाने के लिए सरकारी खरीद केंद्रों पर MSP के अनुसार खरीद की जाती है।
उत्तर प्रदेश में 2025-26 के लिए धान खरीद का लक्ष्य क्या था?
उत्तर प्रदेश सरकार हर वर्ष किसानों से धान खरीद के लिए लक्ष्य निर्धारित करती है। यह लक्ष्य राज्य में उत्पादन, किसानों की संख्या और सरकारी नीति पर निर्भर करता है। 2025-26 में भी लाखों टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। सरकारी केंद्रों पर MSP दर पर खरीद की जाती है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सही मूल्य दिलाना और बिचौलियों से बचाना होता है।
फार्मर आईडी कैसे निकाले जाते हैं?
फार्मर आईडी प्राप्त करने के लिए किसान को राज्य सरकार के कृषि पोर्टल या CSC केंद्र पर आवेदन करना होता है। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता और जमीन से जुड़े दस्तावेज (खतौनी/खसरा) जरूरी होते हैं। मोबाइल नंबर OTP से सत्यापित किया जाता है और सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन पूरा होता है। सत्यापन के बाद डिजिटल फार्मर आईडी जारी की जाती है। यह आईडी सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और फसल बिक्री जैसी सुविधाओं में उपयोग की जाती है।
धान खरीद का रेट क्या है?
धान खरीद का रेट मुख्य रूप से सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर आधारित होता है। सामान्य धान के लिए यह लगभग 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहता है। बासमती और उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का रेट मंडी में इससे अधिक भी हो सकता है। यह कीमत हर साल सरकार द्वारा संशोधित की जाती है। मंडी में निजी व्यापारियों द्वारा खरीदी जाने वाली दरें गुणवत्ता और मांग के अनुसार बदलती रहती हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :