शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण को प्राथमिकता
हैदराबाद। तेलंगाना के राजस्व, आवास एवं सूचना विभाग के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने कहा कि ‘इंदिरम्म आवास योजना’ एक बार चलने वाली योजना नहीं, बल्कि निरंतर जारी रहने वाली प्रक्रिया है। सरकार इसे हर वर्ष लागू करते हुए गरीबों को पक्के घर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विधान परिषद में आवास से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल और मई में राज्यभर में दूसरी किश्त के तहत आवासों का आवंटन (Allocation) शुरू किया जाएगा। पहली किश्त पहले ही पूरी की जा चुकी है और शेष चरणों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
प्रत्येक वार्ड में इंदिरम्म आवासों का निर्माण
उन्होंने घोषणा की कि आगामी तीन वर्षों में शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में इंदिरम्म आवासों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों और बस्तियों में अधूरे पड़े आवासों को पूरा करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों के चयन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और जाति, धर्म या राजनीतिक संबद्धता से परे सबसे गरीब लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मार्च तक लगभग एक लाख घरों का निर्माण पूरा होने की संभावना है, जबकि जून-जुलाई तक पहली किश्त के तहत स्वीकृत तीन लाख घरों में अधिकांश पूरे हो जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ऐसे स्थानों का चयन कर रही है जो लाभार्थियों के वर्तमान निवास के निकट हों, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। इसके अलावा टूबीएचके योजना के तहत लंबित 99 प्रतिशत बिलों का भुगतान किया जा चुका है और शेष भी जल्द निपटाए जाएंगे। अधूरे पड़े टूबीएचके घरों को पूरा करने के लिए 99 दिन का विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
इंदिराम्मा आवास योजना क्या है?
यह एक राज्य स्तरीय आवास योजना थी, जिसे मुख्य रूप से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपना घर बनाने में मदद की जाती थी। खासतौर पर ग्रामीण और शहरी गरीबों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण रही। समय के साथ कई राज्यों में इसे अन्य नई आवास योजनाओं के साथ जोड़ दिया गया या बदला गया।
इंदिरा आवास में कितना पैसा मिलता है घर बनाने के लिए?
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चलाई गई Indira Awaas Yojana के तहत पहले लाभार्थियों को लगभग 70,000 से 1.2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती थी, जो बाद में बढ़ाई गई। यह राशि स्थान और समय के अनुसार अलग-अलग हो सकती थी। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को न्यूनतम लागत में पक्का घर उपलब्ध कराना था, जिससे वे सुरक्षित और बेहतर जीवन जी सकें।
2026 में आवास योजना कितना मिलेगा?
वर्तमान में यह योजना Pradhan Mantri Awas Yojana के रूप में लागू है। 2026 तक ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 1.20 लाख रुपये (मैदानी क्षेत्र) और 1.30 लाख रुपये (पहाड़ी क्षेत्र) तक की सहायता दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण और मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। शहरी क्षेत्रों में यह राशि अलग-अलग श्रेणियों और सब्सिडी के आधार पर निर्धारित की जाती है।
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