Hyderbad Police : वृद्धाश्रमों से मुक्त समाज का निर्माण होना आवश्यक – वी.सी. सज्जनार

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 2, 2026 • 1:00 PM

पुलिस अधिकारियों के साथ वृद्धाश्रम में मनाया नववर्ष

हैदराबाद। नववर्ष को दिखावे से दूर, सेवा भाव के साथ मनाने के संकल्प के तहत हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार (Police Commissioner V.C. Sajjanar) ने गुरुवार को सादगीपूर्ण ढंग से नववर्ष मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर कारखाना स्थित आरके फाउंडेशन द्वारा संचालित वृद्धाश्रम एवं हेल्थ केयर सेंटर (Old age home and healthcare center) का दौरा किया। आश्रम में रह रहे 48 बुजुर्गों को पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर फल व मिठाइयाँ वितरित की गईं। सीपी ने बुजुर्गों का हालचाल जाना और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। केक काटकर सभी को नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं।

अभिनेत्री पावला श्यामला से मुलाकात, एसीपी रमेश की सराहना

करीब एक माह पूर्व अस्वस्थ वरिष्ठ अभिनेत्री पावला श्यामला को तिरुमलगिरी एसीपी रमेश की पहल पर आरके फाउंडेशन हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था। इस जानकारी पर सीपी सज्जनार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने वाले एसीपी रमेश की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने आश्रम में उपचाररत पावला श्यामला से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली। इस अवसर पर सीपी ने कहा कि पिछले 18 वर्षों से लगभग 15 हजार लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहे आरके फाउंडेशन के संचालक डॉ. रामकृष्ण सराहना के पात्र हैं। सीपी सज्जनार ने स्पष्ट किया कि माता-पिता की देखभाल करना संतान का कर्तव्य है। आधुनिक जीवनशैली और कामकाज के दबाव का बहाना बनाकर माता-पिता को वृद्धाश्रमों तक सीमित करना उचित नहीं है।

जिन्होंने हमें पाल-पोसकर बड़ा किया, उनके त्याग को नहीं भूलना चाहिए

उन्होंने कहा कि जिन्होंने हमें पाल-पोसकर बड़ा किया, उनके त्याग को नहीं भूलना चाहिए। वृद्धावस्था में माता-पिता को संपत्ति नहीं, बल्कि बच्चों का स्नेह चाहिए। उन्होंने वृद्धाश्रमों से मुक्त समाज की कामना करते हुए अपील की कि माता-पिता को बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और ईश्वर स्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाए। कार्यक्रम में नॉर्थ जोन डीसीपी रश्मि पेरुमल, अतिरिक्त डीसीपी अशोक, तिरुमलगिरी एसीपी रमेश, कारखाना इंस्पेक्टर अनुराधा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत में कितने वृद्धाश्रम हैं?

देशभर में सरकारी और निजी मिलाकर लगभग 1,500 से 2,000 वृद्धाश्रम कार्यरत माने जाते हैं। इनमें निशुल्क, सशुल्क और धर्मार्थ संस्थानों द्वारा संचालित आश्रम शामिल हैं, जो बुजुर्गों को आवास और देखभाल की सुविधा देते हैं।

भारत में सबसे अच्छा वृद्धाश्रम कौन सा है?

गुणवत्ता के आधार पर कई आश्रम प्रसिद्ध हैं, जैसे केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कुछ संस्थान। सुविधाएँ, चिकित्सा देखभाल, वातावरण और सेवा स्तर के अनुसार “सबसे अच्छा” आश्रम व्यक्ति की जरूरत पर निर्भर करता है।

वृद्ध आश्रम में रहने के लिए क्या करना पड़ता है?

रहने के लिए संबंधित आश्रम में आवेदन करना होता है। पहचान पत्र, आयु प्रमाण और स्वास्थ्य जानकारी मांगी जाती है। कुछ आश्रम निशुल्क होते हैं, जबकि कुछ में मासिक शुल्क या एकमुश्त राशि जमा करनी पड़ती है।

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