अधूरे घरों का आवंटन जल्द पूरा होगा
हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में इंदिरम्म आवास योजना के तहत लाभार्थियों को अब अपने आवंटित घरों में अनिवार्य रूप से निवास करना होगा। जिला कलेक्टर (District Collector) सी. नारायण रेड्डी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मार्च 31 तक सभी लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पूरा किया जाए। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हाउसिंग अधिकारी, आरडीओ, तहसीलदार, मिशन भागीरथ अधिकारी और विद्युत अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने कहा कि पूर्ण और अधूरे निर्माण वाले डबल बेडरूम घरों के लाभार्थियों का चयन तुरंत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लाभार्थियों को डबल बेडरूम आवास मिल चुका है लेकिन वे अब तक वहां नहीं रह रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर आवास रद्द किया जाएगा और अप्रैल के पहले सप्ताह में नए लाभार्थियों (New Beneficiaries) को आवंटित किया जाएगा।
सुनिश्चित की जाएगी विद्युत और पीने के पानी की व्यवस्था
सभी हाउसिंग कॉलोनियों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं जैसे विद्युत और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, अधूरे निर्माण वाले घरों के लिए एकर से अधिक जमीन की पहचान कर मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया। डबल बेडरूम कॉलोनियों में स्थित दुकानों की नीलामी की जाएगी और इससे प्राप्त राशि कॉलोनियों के विकास में उपयोग की जाएगी। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा करें। वीडियो कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त कलेक्टर (स्थानीय संस्थाएं) के. श्रीनिवास, जिला हाउसिंग प्रोजेक्ट निदेशक डी. चांपला नायक, आरडीओ अनंत रेड्डी, जगदीश्वर रेड्डी, वेंकट रेड्डी, सरित, पार्थसिंह रेड्डी, तहसीलदार और हाउसिंग विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इंदिराम्मा आवास योजना क्या है?
यह एक राज्य स्तरीय आवास योजना थी, जिसे मुख्य रूप से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपना घर बनाने में मदद की जाती थी। खासतौर पर ग्रामीण और शहरी गरीबों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण रही। समय के साथ कई राज्यों में इसे अन्य नई आवास योजनाओं के साथ जोड़ दिया गया या बदला गया।
इंदिरा आवास में कितना पैसा मिलता है घर बनाने के लिए?
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चलाई गई Indira Awaas Yojana के तहत पहले लाभार्थियों को लगभग 70,000 से 1.2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती थी, जो बाद में बढ़ाई गई। यह राशि स्थान और समय के अनुसार अलग-अलग हो सकती थी। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को न्यूनतम लागत में पक्का घर उपलब्ध कराना था, जिससे वे सुरक्षित और बेहतर जीवन जी सकें।
2026 में आवास योजना कितना मिलेगा?
वर्तमान में यह योजना Pradhan Mantri Awas Yojana के रूप में लागू है। 2026 तक ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 1.20 लाख रुपये (मैदानी क्षेत्र) और 1.30 लाख रुपये (पहाड़ी क्षेत्र) तक की सहायता दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण और मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। शहरी क्षेत्रों में यह राशि अलग-अलग श्रेणियों और सब्सिडी के आधार पर निर्धारित की जाती है।
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