हैदराबाद । केंद्र सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय , दिल्ली (Delhi )ने आज हैदराबाद के मसाब टैंक स्थित जनजातीय कल्याण (Tribal Welfare)विभाग के कार्यालय में जनजातीय सांस्कृतिक (Tribal Cultural)और प्रशिक्षण संस्थान , कल्याण विभाग के तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों में एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों (आईटीडीए)को सशक्त बनाने के उपायों पर चर्चा करना था। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की निदेशक डॉ. वर्णली डेका ने इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए, जनजातीय सांस्कृतिक और प्रशिक्षण संस्थान की निदेशक डॉ. वी. समुज्वला ने कार्यक्रम के प्राथमिक उद्देश्य पर प्रकाश डाला और तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश, दोनों राज्यों के जनजातीय कल्याण विभागों और आईटीडीएसे आए अधिकारियों का स्वागत किया, जो इस कार्यशाला में भाग ले रहे थे।

शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढाँचे के विकास पर विशेष ध्यान
जनजातीय कल्याण विभाग के निदेशक संतोष बी.एम. द्वारा दिए गए परिचयात्मक संबोधन के बाद विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इन चर्चाओं में दोनों राज्यों में आईटीडीए की वर्तमान स्थिति, उन्हें सशक्त बनाने की रणनीतियाँ, कार्यान्वयन नीतियों में अंतर, तथा निधियों के उपयोग से संबंधित प्रक्रियाएँ शामिल रहीं। इस दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि आईटीडीए के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढाँचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों, युवा प्रशिक्षण पहलों और कैंपस प्लेसमेंट अभियानों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
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