Municipal elections results : राज्यभर में नगरपालिका चुनावों के बाद मेयर और चेयरमैन पदों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद मेयर चुनाव होने हैं, ऐसे में कई प्रमुख नगर निगमों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने अधिकांश स्थानों पर बढ़त हासिल की है, लेकिन कुछ प्रमुख निगमों में त्रिशंकु स्थिति बनने से सियासी हलचल बढ़ गई है।
विशेष रूप से करीमनगर और निजामाबाद नगर निगमों में मेयर पद को लेकर रोमांच बना हुआ है। करीमनगर में 60 डिवीजनों में भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि कांग्रेस को 14 और बीआरएस को 9 सीटें मिलीं। निजामाबाद में भाजपा ने 28 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 17 और एआईएमआईएम को 14 सीटें मिलीं। किसी भी दल को बहुमत न मिलने से निर्दलीय और सहयोगी दलों का समर्थन निर्णायक बन गया है।
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राजनीतिक समीकरणों में कांग्रेस निर्दलीयों और सहयोगी दलों का समर्थन (Municipal elections results) जुटाने में सफल होती दिखाई दे रही है, जिससे मेयर पद उसके खाते में जाने की संभावना बढ़ गई है। सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सत्ता से दूर रहने की स्थिति भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा पैदा कर सकती है।
वहीं कोठागुडेम नगर निगम में दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। कांग्रेस और सीपीआई ने 22-22 सीटें जीतीं, जबकि बीआरएस और निर्दलीयों को 8-8 सीटें मिलीं। बातचीत के बाद मेयर और डिप्टी मेयर पद ढाई-ढाई साल के लिए बांटने पर सहमति बनी है। समझौते के अनुसार पहले ढाई साल मेयर पद सीपीआई के पास रहेगा, उसके बाद कांग्रेस को मौका मिलेगा।
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